
नवरात्रि में अखिलेश यादव VIP लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान करेंगे।
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। इसके लिए सभी दलों ने किस लोकसभा सीट किस कैंडिडेट को उतारा जाए, ये गुणा- गणित लगा रहे हैं। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 1 अक्टूबर को कहा कि हम नवरात्रि तक वीआईपी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे।
सपा में जब राजनीति की बात आती है तो 'परिवार पहले' आता है। उत्तर प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी पर बार-बार परिवारवाद का आरोप भी लगता रहा है। इसके बावजूद 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा कुछ अलग करने की मूड़ में नहीं दिखाई दे रही है।
6 परिवार के सदस्यों को उतारेगी सपा
माना जा रहा है कि सपा यादव परिवार के कम से कम छह सदस्यों को 2024 लोकसभा चुनाव लड़वा सकती है। इनमें से पार्टी ने चार उम्मीदवारों के लिए सीटें भी तय कर ली हैं। वहीं, दो अन्य के लिए उपयुक्त सीटों की तलाश कर रही है।
हालांकि, ये समाजवादी पार्टी की वीआईपी सीटें मानी जाती हैं, लेकिन सपा पहले बीजेपी की वीआईपी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। वाराणसी, गोरखपुर और लखनऊ जैसी सीटें बीजेपी की वीआईपी सीटें मानी जाती हैं।
2024 लोकसभा में सपा ने जीती थी 5 सीट
वहीं, 2014- 2019 में यादव परिवार के पांच सदस्य थे। सपा संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव, उनकी बहू डिंपल यादव, और उनके भतीजे धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव और पोते तेज प्रताप सिंह यादव। 2014 के चुनावों में सपा ने पांच सीटें जीतीं थी। सभी यादव परिवार के सदस्य थे। वहीं, 2019 में सपा ने फिर से पांच सीटें जीतीं, जिनमें से दो सीटें यादव परिवार के सदस्यों ने जीतीं।
कन्नौज से लड़ सकते हैं अखिलेश यादव
इस बार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है। शिवपाल आज़मगढ़ से और डिंपल मैनपुरी का बचाव करेंगी। पूर्व सांसद अक्षय यादव फिरोजाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, सूत्रों की मानें तो बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव और मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव के लिए उपयुक्त सीटों की तलाश की जा रही है।
माना जा रहा है कि सपा धर्मेंद्र यादव को बदायूं से मैदान में उतार भी सकती है। जहां से वर्तमान सांसद भाजपा की संघमित्रा मौर्य हैं, जो सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी हैं।
कन्नौज से हुई अखिलेश की राजनीति कैरियर की शुरुआत
दरअसल सपा अध्यक्ष अखिलेश ने कुछ दिन पहले कन्नौज से चुनाव लड़ने के संकते दिए थे। हलांकि, अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। कन्नौज एकमात्र ऐसा जिला है, जहां अखिलेश ने 2022 यूपी चुनाव के बाद से आधा दर्जन से अधिक बार दौरा किया है। 2000 में अखिलेश ने कन्नौज में उपचुनाव जीतकर अपने चुनावी करियर की शुरुआत की और फिर इस सीट से दो आम चुनाव जीते।
इसी तरह सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने एक से अधिक बार संकेत दिया है कि "अगर पार्टी कहेगी तो आजमगढ़ से चुनाव लड़ेंगे"। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद से कम से कम पांच बार आजमगढ़ का दौरा किया है।
डिंपल के बारे में कोई अटकलें नहीं हैं क्योंकि वह अपने मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का बचाव करेंगी, जो उन्हें अपने दिवंगत ससुर मुलायम से "विरासत में" मिला था और दिसंबर 2022 में हुए उपचुनाव में उन्होंने इसे जीता था।
शिवपाल की वजह से हारे थे अक्षय यादव
जहां तक अक्षय यादव की बात है तो पिछले महीने फिरोजाबाद में शिवपाल यादव ने कहा था कि इस बार मैं उनकी जीत सुनिश्चित करूंगा। दरअसल, शिवपाल ही थे, जो अक्षय की 2019 की हार के लिए जिम्मेदार थे। उस समय 'यादव परिवार के बीच झगड़े चल रहे थे। 2019 में शिवपाल ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया से फिरोजाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने 91,000 वोट हासिल किए थे और तीसरे स्थान पर रहे थे, लेकिन अक्षय की महज 28,000 वोटों के अंतर से हार हुई थी। राजनीतिक सुलह के बाद सपा में वापस आकर उन्होंने अब चुनावी नुकसान की भरपाई करने का वादा किया है।
2019 में बीजेपी की संघमित्रा मौर्य से हार गए थे धर्मेंद्र यादव
अगर धर्मेंद्र यादव एक फिर से बदायूं लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते हैं, तो उनकी जीत की संभावना जताई जा रही है। पूर्व कांग्रेस नेता सलीम इकबाल शेरवानी, जो बदायूं से चार बार के सांसद रहे हैं। अब वह समाजवादी पार्टी में हैं। 2019 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सलीम शेरवानी को 50,000 वोट मिले थे और धर्मेंद्र भाजपा बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य से 18,000 वोटों से हार गए थे।
वहीं, पार्टी तेज प्रताप सिंह यादव के लिए भी उपयुक्त सीट की तलाश कर रही है, जिन्होंने 2014 के लोकसभा उपचुनाव में मैनपुरी सीट से सांसद बने थे। मुलायम ने आजमगढ़ को बरकरार रखने के लिए यह सीट खाली कर दी थी। 2019 में मुलायम ने मैनपुरी सीट बरकरार रखी तो तेज प्रताप ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा।
Updated on:
12 Oct 2023, 8:14 PM IST
Published on:
12 Oct 2023, 8:09 PM IST
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