
अखिलेश यादव के सामने हवा में कुलांचे भरता सारस।
सारस के साथ दोस्ती की वजह से चर्चा में आए अमेठी के मंडखा निवासी मो. आरिफ से पिछले दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुलाकात की थी। इसके बाद अब वन विभाग ने आरिफ से सारस ले लिया है। यानी अब सारस आरिफ के पास नहीं रह सकता। इसको लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तंज भी कसा है, तो आइए जानते हैं आरिफ और सारस की दोस्ती कैसे टूट गई। इसके पीछे की कहानी क्या है।
सारस के जाने से टूट गए आरिफ
सारस के जाने के बाद सारस के दोस्त आरिफ काफी दुखी हैं और वह अपनी सुध बुध खो बैठे हैं। वहीं उनके परिजनों का भी रो-रो कर बुरा हाल है। सारस को ले जाने के बाद आरिफ के छोटे भाई अरमान ने कहा कि सारस के जाने के बाद हमें काफी दुख है। हमें इतना दुख है कि हम उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। सारस से हमारा दिली लगाव था और हम सब के बीच वो परिवार के सदस्य की तरह रहता था।
हमारी यही मांग है कि सारस को भले ही ले जाया गया है लेकिन उसे जैसे यहां पर आजादी थी उसी आजादी में वहां भी रखा जाए। आरिफ की मां फातिमा ने कहा आरिफ के साथ-साथ सारस से भी उन्हें बहुत लगाव था, लेकिन आज वन विभाग के कर्मचारी आए और सारस को अपने साथ ले गए। सारस पिछले एक साल से हमारे परिवार के साथ रह रहा था। उसके जाने से हम सब बहुत दुखी हैं।
अखिलेश यादव ने कसा तंज
इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसा. उन्होंने कहा कि "वन विभाग की टीम उप्र के राजकीय पक्षी सारस को तो स्वतंत्र करने के नाम पर उसकी सेवा करनेवाले से दूर ले गई, देखना ये है कि राष्ट्रीय पक्षी मोर को दाना खिलाने वालों से स्वतंत्र करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है.''
"हो सकता है अखिलेश यादव से मिलने की वजह से ही ले गए हों"
बुधवार दोपहर को लखनऊ के सपा कार्यालय में मंच पर अखिलेश के साथ आरिफ भी रहे। अखिलेश ने कहा कि मैं उनसे मिलने गया था, इसलिए सरकार ने उनसे सारस छीन लिया। अखिलेश के बयान पर आरिफ ने कहा कि हो सकता है अखिलेश के मिलने की वजह से ही सारस को वन विभाग ले गया हो।
समसपुर पक्षी विहार में छोड़े जाने की मांगी थी अनुमति
डिविशनल फॉरेस्ट ऑफिसर अमेठी डीएन सिंह ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखा था। पत्र में सारस को उसके प्राकृतिक वास समसपुर पक्षी विहार में छोड़े जाने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने प्रभागीय वनाधिकारी अमेठी को सारस को सुरक्षात्मक उपाय के साथ समसपुर पक्षी विहार छोड़ने की अनुमति दे दी थी।
पूरे मामले की बनाया गया वीडियोग्राफी
इसके बाद सारस को पशु चिकित्सक, एसडीओ रामवीर मिश्र और क्षेत्रीय वनाधिकारी की टीम ने पक्षी विहार में ले जाकर छोड़ दिया। डीएफओ ने बताया, “सारस को सुरक्षात्मक उपाय के साथ उसके प्राकृतिक वास स्थल पर छोड़ दिया गया है। पूरे मामले की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।”
क्या कोर्ट जाएंगे आरिफ?
आरिफ अपने सारस को वापस लेने के लिए क्या कोर्ट में जाएंगे? इस सवाल पर आरिफ ने स्पष्ट जवाब ना देते हुए कहा कि ये आने वाला वक्त बताएगा। आरिफ ने कहा कि अगर सारस को आजाद छोड़ दिया जाएगा तो वो खुद ही उड़कर उनके पास आ जाएगा। वो कैद है इसलिए नहीं आ पा रहा है।
Updated on:
22 Mar 2023, 4:57 PM IST
Published on:
22 Mar 2023, 4:56 PM IST
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