महंगाई ने केवल इंसानों बल्कि पशुओं के लिए भी काल बन गई। पहली बार पशुओं का भोजन इंसानों के भोजन की कुछ बुनियादी वस्तुओं से महंगा हो गया है। आलू-प्याज- तरबूज सस्ता बिक रहा है और भूसा-चूनी-चोकर के भावों ने 25 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। पशुओं का पेट भरने के लिए 'भूसा दान' अभियान छेड़ा गया है, लेकिन महंगा बिकने के कारण कोई एक किलो भूसा तक दान करने को तैयार नहीं है। इसका सीधा असर आम इंसान की जेब पर पड़ेगा। अब दूध 80 रुपए लीटर तो पनीर और दही कीमते भी दोगुनी हो जाएंगी। मिठाइयों की कीमतों में भी उछाल आएगी।