
Yogi
लखनऊ. सोमवार को अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के बयान के बाद सियासत गर्मा गई है। भाजपा के पदाधिकारी जनता को जवाब देते नजर आ रहे हैं, तो वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रति अपनी नाराजगी भी जता रहे हैं। सोमवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जनवरी तक फैसले टलने को अच्छा संदेश नहीं माना था, तो वहीं मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सुप्रीम कोर्ट के रवैये पर अपनी चुप्पी तोडी़ है।
"न्याय में देरी कभी-कभी अन्याय के समान हो जाता है"
उन्होंने जारी एक बयान में कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि से जुड़ा हुआ मामला माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। समय पर मिला न्याय, उत्तम न्याय माना जाता है। न्याय में देरी कभी-कभी अन्याय के समान हो जाता है।
संतों को रखना चाहिए पूरा धैर्य-
उन्होंने आगे कहा कि संतों का हम सम्मान करते हैं। राम मंदिर की मुहिम के साथ संतो का सानिध्य और आशीर्वाद रहा है। यहां संतों को पूरे धैर्य के साथ श्रीराम जन्मभूमि के समाधान की दिशा में होने वाले उन सभी सार्थक प्रयासों में सहभागी बनना चाहिए, जिससे देश में शांति और सौहार्द की स्थापना हो सके तथा भारत के सभी संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान का भाव सुदृढ हो।
"और भी आॅप्शन हैं, जो भी उत्तम होगा वह कदम उठाया जाएगा"-
सीएम योगी ने कहा कि देश की न्यायपालिका के प्रति सबका सम्मान है और हम सभी उन संवैधानिक बाध्यताओं से बंधे हैं। माननीय उच्चतम न्यायालय श्रीराम जन्मभूमि का शीघ्र समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि उसके बाद भी और भी आॅप्शन हैं। इन सबमें जो भी उत्तम होगा वह कदम उठाया जाएगा।
दायित्व को निभाएंगे-
उन्होंने आखिर में कहा कि हम सब चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस समस्या का हल हो क्योंकि श्रीराम जन्मभूमि, अयोध्या उत्तर प्रदेश में है। यूपी में कानून व्यवस्था व सुरक्षा का दायित्व हमारे ऊपर ही है। हम लोग इस दायित्व को बखूबी निभाएंगे।
Updated on:
30 Oct 2018, 7:05 PM IST
Published on:
30 Oct 2018, 7:05 PM IST
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