
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय (IANS Photo)
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने खड़गे के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना उनकी संस्कृति का हिस्सा है। उपाध्याय ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को तोहफा नहीं दिया जाता है, तो वह कुछ समय के लिए रोता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को मूल्य नहीं सिखाए जाते हैं, तो वह जीवन भर रोता है। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक व्यक्ति में मूल्यों की कमी होती है, तो वह केवल खुद ही नहीं रोता, बल्कि अपने बयानों से पूरे समाज और देश को भी रुलाता है। मंत्री ने आगे कहा कि ये वही लोग हैं जिनके नेतृत्व में मूल्यों की कमी है और इसी वजह से इस तरह के बयान दिए जाते हैं।
पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के दौरान यह विवाद हुआ था। खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे थे। इसी बीच दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इसके जवाब में खरगे ने कथित तौर पर विवादित टिप्पणी कर दी। इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।
बिहार भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण कुमार ने खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने टेलीविजन पर प्रसारित खबरों के जरिए खरगे की कथित टिप्पणी के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि इस बयान से उन्हें गहरी ठेस पहुंची है। कृष्ण कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि सार्वजनिक मंच से किसी व्यक्ति के परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना संवेदनशील मामला है। सार्वजनिक जीवन में गरिमा और आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है। इसी आधार पर उन्होंने मामले की जांच की मांग की है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बयान की आलोचना की है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की है। इस तरह बयान को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
कार्यक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें कथित तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाषण के बीच हस्तक्षेप करने वाले व्यक्ति के साथ भिड़ते और मारपीट करते हुए देखा गया। इस घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कांग्रेस ने खरगे की टिप्पणी का बचाव करते हुए अलग पक्ष रखा है। पार्टी का दावा है कि पटना में भाषण के दौरान भाजपा के एक कार्यकर्ता ने पहले खरगे के दिवंगत पिता का अपमान किया था। कांग्रेस के मुताबिक, इसी के जवाब में खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘वैचारिक पिता’ यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का जिक्र किया था।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है, जब खरगे का ‘अपमान’ किया गया है। पार्टी ने कहा कि अगस्त में उत्तराखंड में एक रैली में खरगे के भाषण के बाद ‘शुद्धिकरण’ जैसा अपमानजनक काम किया गया था। इस पूरे मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर भाजपा खरगे के बयान की आलोचना कर रही है, वहीं कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी को पहले हुई कथित घटना के जवाब में दिया गया बयान बताया है।
Updated on:
26 Oct 2026, 9:19 AM IST
Published on:
26 Oct 2026, 9:02 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.