
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. अगर आपका इरादा मकान बनवाने या फिर कोई निर्माण कार्य कराने का है तो ये खबर आपके लिये राहत भरी खबर है। आप निर्माण कार्य शुरू कराने के बारे में सोच सकते हैं। दो महीने पहले आसमान को छू रहे बिल्डिंग मैटेरियल्स के दाम में भारी गिरावट आयी है। बालू, मौरंग और गिट्टी के दाम तेजी से नीचे आए हैं। इसमें करीब 40 से 50 फीसदी की कमी आई है। हालांकि सरिया के दाम में कुछ तेजी आयी है और यह 600 रुपये तक महंगा हुआ है।
बालू और मौरंग के दाम में कमी आने से निर्माण का इरादा रखने वालों को काफी राहत मिली है। तीन महीने पहले तक मौरंग की कीमत 85 से 90 रुपये घनफीट पहुंच गई थी। बालू भी 20 रुपये से बढ़कर 30 रुपये घनफीट तक बिक रहा था। इससे लागत बढ़ने के चलते कई लोगों ने निर्माण टाल दिया था। जो करा रहे थे उनकी लागत में काफी इजाफा हो गया था।
अब कीमतों में नरमी आने से आशियाना बनाने वालों को राहत मिलने लगी है। जिस तेजी से दाम बढ़े थे उसी तेजी से पिछले दो महीनों में बालू और मौरंग की कीमतों में गिरावट भी आई है। जो बालू दो माह पहले 30 रुपये घनफीट बिक रहा था वह मौजूदा समय में 16 रुपये पर आ गया है। इसी तरह मौरंग की कीमतों में भी काफी कमी आई है और यह 52 रुपये घनफीट तक बिक रहा है। फिलहाल जहां मौरंग 51,000 से 52,000 रुपये तो वहीं बालू 16,000 से 18,000 रुपये प्रति ट्रक (एक हजार घनफीट) तक की दर से बेचा जा रहा है।
सरिया का भाव 600 रुपये चढ़ा
पिछले दो महीने में बालू मौरंग तो नरम पड़े हैं, लेकिन सरिया का दाम चढ़ा है। इसके दाम में 600 रुपये क्विंटल की तेजी आई है। अचानक सरिया के दाम में उछाल से लोगों के सामने दिक्कतें पैदा हो गई हैं। 4,800 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला सरिया 5,400 रुपये में बिक रहा है। उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ के अध्यक्ष श्याम मूर्ति गुप्ता कहते हैं कि कोरोना काल के दौरान शुरू हुए निर्माण कार्यों पर अब सरिया का भाव चढ़ जाने से काम करा रहे लोगों के सामने दिक्कतें खड़ी हो गई हैं।
Published on:
16 Dec 2020 10:47 am
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