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Chaitra Navratri 2023: देवी की उपासना का सही समय, किस्मत की रुकावटों को कर देगी किनारे

Chaitra Navratri 2023 पूजा अर्चना से खुश होती हैं, माता दुर्गा, देती हैं मन चाहा आशीर्वाद। समय से करें कुछ सरल उपाय
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लखनऊ

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Ritesh Singh

•

Updated: 20 Mar 2023, 9:39 AM IST

  देवी की पूजा से मिलती है ताकत

देवी की पूजा से मिलती है ताकत

रामनवमी शुरु होने वाली है। श्रीराम ने माता दुर्गा की स्तुति की थी। नौ दिन तक राम ने माता की पूजा अर्चना बड़ी श्रद्धा और लगन से की थी, उनकी पूजा के प्रति लगन, श्रद्धा और विश्वास देखकर माता ने खुश होकर उनको विजयश्री का आशीर्वाद दिया था ।

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माता ने दिया था आशीर्वाद

पंडित शक्ति मिश्रा ने बताया कि कहा जाता है कि माता दुर्गा ने श्रीराम से कहा था कि जो भी भक्त रामनवमी में मेरी पूजा अर्चना समय से और निष्ठा, लगन के साथ करेगा। उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी और जन्म जन्म तक मेरा आशीर्वाद उसके परिवार पर बना रहेगा।

समय से करें आराधना

पंडित शक्ति मिश्रा ने कहा कि इस लिए माता को खुश करने के लिए अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा अर्चना करनी चाहिए। ताकि जीवन में जितनी भी परेशानी है, उसको माता जल्द से जल्द दूर कर सके।

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उपासना का सही समय

. सुबह 5 से 9 बजे तक पूजा कर लेनी चाहिए
. शाम को 6 से 8 बजे तक सही समय रहता है।
. अखंड ज्योति जरूर जलाएं

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देवी के स्वरूप 1 से 9 तक


1. घट या कलश स्थापना। इस दिन माता दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा होगी।

2. इस दिन माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है।

3. इस दिन दुर्गा जी के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाएगी।

4. माता दुर्गा के कुष्मांडा स्वरुप की पूजा-अर्चना होगी।

5. इस दिन मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है।

6. इस दिन माता दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा होती है।

7. इस दिन माता दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की आराधना की जाती है।

8. दुर्गा अष्टमी पूजन। इस दिन माता दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती है।

9. इस दिन माता के सिद्धिदात्री स्वरुप की पूजन तथा नवमी हवन होगा, नवरात्रि पारण।

- दशमी के दिन जिन लोगों ने माता दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की होगी, वे विधि विधान से माता का विसर्जन करेंगे।