1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नाबालिग से दुष्कर्म पर सजा-ए-मौत, सीएम योगी आदित्यनाथ का ऐलान, कानून में होगा बदलाव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के मामले बेहद गंभीर हैं...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Nitin Srivastva

•

Updated: 19 Apr 2018, 8:28 AM IST

CM Yogi Adityanath death sentence proposal for minor rape cases

नाबालिग से दुष्कर्म पर सजा-ए-मौत, सीएम योगी आदित्यनाथ का ऐलान, कानून में होगा बदलाव

लखनऊ. बात चाहे उन्नाव गैंगरेप मामले की करें या फिर देश के किसी भी कोने की। दिन, तारीख और जगह अलग हो सकते हैं लेकिन ज्यादातर जगहों पर कम उम्र की बच्ची ही दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। हर बार की वारदात पिछली वारदातों से ज्यादा भयावह होती जा रही है। इसलिए अब भारत में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा की मांग के लिए आवाज बुलंद हो रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक बड़ा ऐलान किया है।

दुराचारियों को हो फांसी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के मामले बेहद गंभीर हैं। ऐसे अपराधियों को फांसी की सजा देने के लिए कानून में जरूरी प्रावधान किया जाएगा। प्रदेश सरकार इसके लिए केन्द्र सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है। दुराचारियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही सीएम योगी ने अपराधियों और अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

ये राज्य चाहते हैं फांसी की सजा

वैसे तो भारत में रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मामले में ही फांसी की सजा हो सकती है। नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के मामले पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज किए जाते हैं। पोक्सो एक्ट में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। लेकिन नाबालिग से दुराचार मामले में पिछले दो साल में कई राज्य फांसी की सजा का प्रस्ताव केंद्र को भेज चुके हैं और उन्हें इस पर अनुमति का इंतजार है। इन राज्यों में मध्य प्रदेश , राजस्थान और हरियाणा के नाम शामिल हैं। इन राज्यों की लिस्ट में अब उत्तर प्रदेश का नाम भी शामिल हो गया है। इसके साथ ही दिल्ली और कर्नाटक राज्य की सरकार भी इस कानून में संसोधन पर विचार कर रही है।

अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को शास्त्री भवन में बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक में महिला सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक के दोरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए बीट कांस्टेबल से लेकर जिले के एसपी-एसएसपी तक की जवाबदेही तय की जाए। सीएम ने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। जुर्म करने वाला चाहे जितनी बड़ी शख्सियत क्यों न हो। इस पर कभी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

महिला उत्पीड़न पर हो सख्त कार्रवाई

सीएम योगी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को महिला उत्पीड़न से जुड़ी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए और कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की गरिमा बनाए रखने और उन्हें हर तरह की सुरक्षा देने के लिए कटिबद्ध है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1090 वीमेन पॉवर लाइन को और प्रभावी बनाया जाए। इस सेवा का विस्तार करते हुए इसे डायल-100 और एंटी रोमियो स्क्वायड के साथ भी जोड़ा जाए।

बड़ी खबरें

View All

लखनऊ

उत्तर प्रदेश