
CM Yogi Trivendra Rawat
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बीच सोमवार को परिवहन सेवा करार पर डील हुई। सीएम आवास पर उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के बीच दो राज्यों के बीच संचालन का अन्तर्राज्यीय पारस्परिक समझौता कार्यक्रम हुआ। सीएम योगी व उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसमें मुख्य अतिथि थे, जहां दोनों राज्यों के बीच परिवहन समझौते पर दोनों ने हस्ताक्षर किए। यूपी व उत्तराखंड सरकार के बीच अंतर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के लिए यह समझौता हुआ है। समझौते के दैरान उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एवं उत्तराखंड के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य सहित दोनों राज्यों के प्रमुख सचिव एवं प्रबंध निदेशक परिवहन मौजूद रहेे।
इन बातों पर हुआ करारा-
दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच हुए समझौते के अनुसार यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें उत्तराखंड के 216 मार्गों पर संचालित की जाएंगी, तो वहीं उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें 335 मार्गों पर चल रही हैं। उत्तराखंड के पास महज 667 परमिट हैं, जबकि यूपी परिवहन निगम के पास 1491 परमिट हैं। दोनों राज्यों के निजी बस संचालकों को भी 57 मार्गों पर चलने की अनुमति दी गई है। इस समझौते के बाद यूपी-उत्तराखंड परिवहन निगम की साधारण सेवा, एसी, जनरथ, लग्जरी बसें, वोल्वो एवं स्कैनिया का नए रूट पर संचालन होगा।
सीएम योगी ने कहा यह-
सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि यूपी उत्तराखंड साझी विरासत के प्रतीक हैं। हम सब उस साझी विरासत के हिस्से हैं। आज का परिवहन समझौता भी उसी का हिस्सा। उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हमारा आमंत्रण स्वीकार किया, इसके लिए मैं उनको धन्यवाद देता हूं। यह परिवहन समझौता दोनों राज्यों के बीच एक श्रेष्ठ भारत को बढ़ाएगा। पीएम मोदी की परिकल्पना है एक श्रेष्ठ भारत। वाराणसी से काठमांडू जा रही हैं यूपी परिवहन की बसें। उन्होंने कहा कि देश में कुछ ही परिवहन निगम लाभ में, उनमें से यूपी एक है।
प्रयागराज के लिए भी बसों की मिली हरी झंडी-
इसी के साथ सीएम योगी ने प्रयागराज के कुंभ मेले के लिए 51 बसों को हरी झंडी दी। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के कुंभ मेले के लिए चलने वाली 500 बसों में से 51 बसें आज से शुरू हो जाएंगी। ये शटल बसें बसों की पार्किंग स्थल से पांच किलोमीटर दूर संगम के तट पर श्रद्धालुओं को ले जाएंगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा यह-
इस मौके पर उत्तराखंड के सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि केन्द्र, यूपी और उत्तराखंड में एक ही दल भाजपा की सरकार होने की वजह से अब तेजी से सभी लम्बित समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। करीब आधा दर्जन राज्यों में 42 सालों से लटकी हुई लखवार बांध परियोजना को केन्द्र सरकार के हस्तक्षेप से एक बैठक में सुलझा लिया गया।
18 साल से नहीं हुआ था करार-
आपको बता दें कि पिछले 18 वर्षों उत्तराखंड व यूपी के बीच परिवहन करार रुका हुआ था। कोई तय करार नहीं होने के चलते दोनों राज्यों के बीच अक्सर किराये और रूट्स को लेकर विवाद होते रहते था। यूपी में भाजपा की सरकार बनने पर सीएम योगी ने इस पर पहल की और सोमवार को आखिरकार दोनों राज्यों की सरकारों ने करार के जरिए इस विवाद को सुलझाने का रास्ता निकाला।
Updated on:
29 Oct 2018 04:32 pm
Published on:
29 Oct 2018 04:32 pm
