
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हो रही जांच
लखनऊ में 74 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज टूडियागंज में मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यहां निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही सर्दी,जुकाम व बुखार से पीड़ित लोगों को जांच कराने के लिए भी अपील कर रही है।
घबराए नहीं कोरोना से, बस रहे सावधान
डिप्टी सीएमओ डॉ. निशांत निर्वाण का कहना है कि कोरोना वायरस से घबराएं नहीं। जरूरी एहतियात बरतें। मास्क लगाएं। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। किसी को कोरोना के लक्षण हैं तो खुद को आइसोलेट करें। जांच कराएं, ताकि समय पर बीमारी का पता लगाया जा सके। इससे वायरस के प्रसार को आसानी से रोका जा सकता है।
इस क्षेत्रों में मिले कोरोना के मरीज
लखनऊ में 74 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। सर्वाधिक 25 संक्रमित टूडियागंज में मिले हैं। चिनहट में 18 और आलमबाग के 8 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अलीगंज में 7 , सरोजनी नगर में 5 लोग संक्रमित मिले। 71 मरीज कोविड संक्रमण से स्वस्थ हुए हैं। कोविड एक्टिव केसों की संख्या 900 है।
परिवार के सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव
कोरोना के मरीज अब कम होते जा रहे हैं। वायरस की मारक क्षमता अब कमजोर हो रही है। संक्रमित मरीज के परिवार में बाकी सभी सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आ रही है, जबकि जांच से पहले संक्रमित और बाकी परिजन साथ रहते और खाते-पीते रहे हैं। इस वजह से इसका अनुमान लगाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग शहर में संक्रमण का पता लगाने को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करवा रहा है। एक संक्रमित के संपर्क में आने वाले 25 लोगों की जांच हो रही है। इसमें एक संक्रमित के साथ दो-तीन लोग ही पॉजिटिव आ रहे हैं। बाकी की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों की मानें तो रोजाना 3000 से अधिक लोगों की जांच हो रही है और इनमें संक्रमितों की ग्रीपर 100 के नीचे है। संक्रमित के परिवार में पांच से सात सदस्य है, तो दो लोग पॉजिटिव मिल रहे हैं, जबकि सभी एक छत के नीचे रहते हैं। ऐसे परिवारों की संख्या बहुत है।
डॉक्टरों ने रखी अपनी राय
डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर व्यक्ति पहले संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में लोगों में हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो चुकी है। कोरोना से बचाव की वैक्सीन भी लग चुकी है, दोहरी सुरक्षा है। संक्रमित वायरस का प्रसार कम कर पा रहे हैं। लोगों में वायरस को लेकर इम्युनिटी है। इससे वायरस हमलावर भी नहीं हो पा रहा है।
बूस्टर डोज वाले लोगों को संक्रमण से मिली राहत
बूस्टर डोज लगवाने वाले कम लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। जो लोग पॉजिटिव हुए भी, इनमें कोरोना के सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे लक्षण भी नहीं हैं। लखनऊ में करीब 12 लाख लोगों को कोरोना से बचाव की बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा था। इनमें नौ लाख 60 हजार लोगों ने बूस्टर डोज लगवा ली है। मौजूदा समय में करीब 900 कोरोना के सक्रिय मरीज हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 95 फीसदी संक्रमितों में कोरोना के सामान्य लक्षण नहीं हैं। सभी संक्रमितों ने कोरोना की दो डोज लगवा रखी है। जबकि अब तक 200 से अधिक संक्रमित वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवा चुके हैं। इनमें किसी को भी अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ती है। ज्यादातर की उम्र 50 साल से अधिक है।
कोरोना मरी अस्पतालों में भर्ती
अब तक करीब 30 कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है। जिसमें सभी संक्रमित गंभीर बीमारियों की वजह से अस्पताल में भर्ती किए गए। इलाज के दौरान कोविड की जांच हुई। जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें 18 संक्रमितों ने कोरोना की बूस्टर डोज लगवा रखी है। बाकी 12 संक्रमितों ने वैक्सीन की दोनों डोज ले रखी है। अब तक चार कोरोना संक्रमितों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी हैं।
Published on:
25 Apr 2023, 8:55 AM IST
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