इस मुद्दे पर लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि जिस तरह इटली में बुर्के पर प्रतिबंध लगाया गया है, उससे साफ तौर पर इस्लाम के प्रति नफरत वाली सोच सामने आती है। इस्लाम महिलाओं को अनमोल मानता है, जैसे कोई कीमती गहना हो। इस्लाम ने महिलाओं को सम्मान और गरिमा दी है। बुर्के का मतलब किसी महिला को पिंजरे में बंद पक्षी की तरह घर में कैद करना नहीं है। लोग कहते हैं कि बुर्के से कट्टरता बढ़ती है, लेकिन असल में यह उनकी अपनी सोच को दिखाता है। यह न तो इस्लामी विचारधारा का मुद्दा है और न ही बुर्के का।