
16 अक्टूबर को यूपी की 10 सीटों पर होगा मतदान। (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )
UP Election 16 October : भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा उत्तराखंड की एक और पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर भी चुनाव होगा। आयोग की घोषणा के मुताबिक इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान के बाद उसी दिन शाम पांच बजे से मतगणना शुरू होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की कुल 31 सीटें हैं। ऐसे में 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव प्रदेश के राजनीतिक दलों के लिए संगठनात्मक और संसदीय स्तर पर महत्वपूर्ण प्रक्रिया होगी। हालांकि किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी, यह उम्मीदवारों के नामांकन, विधानसभा में दलों की संख्या और चुनावी गणित पर निर्भर करेगा।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। उम्मीदवारों के नामांकन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर भी दिया जाएगा। इसके बाद यदि आवश्यक हुआ तो 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने मतदान और मतगणना के लिए भी समय निर्धारित किया है। मतदान सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा। इसके बाद शाम पांच बजे से मतगणना शुरू होगी। इस तरह मतदान समाप्त होने के कुछ ही समय बाद चुनाव परिणाम सामने आने की स्थिति बनेगी।
उत्तर प्रदेश में जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, उनमें अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरजा शेखर, प्रो. राम गोपाल यादव और हरदीप सिंह पुरी समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। इन सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। इसके अलावा डॉ. दिनेश शर्मा की सीट 11 सितंबर से रिक्त बताई गई है। राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसे लोकसभा की तरह भंग नहीं किया जाता। इसके सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। किसी सदस्य के कार्यकाल की अवधि पूरी होने से पहले सीट रिक्त होने की स्थिति में उपचुनाव भी कराया जा सकता है।
चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद अब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों के नाम और सीटों के गणित पर मंथन करेंगे। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों का चयन संबंधित दलों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि निर्वाचित सदस्य संसद के उच्च सदन में राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। नामांकन की अंतिम तारीख से पहले राजनीतिक दलों के स्तर पर बैठकों और विचार-विमर्श का दौर शुरू होने की संभावना है। उम्मीदवारों के नाम तय होने के बाद ही तस्वीर और अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल चुनाव आयोग की घोषणा ने राज्यसभा की 10 सीटों को लेकर राजनीतिक गतिविधियों के लिए समय सीमा तय कर दी है।
राज्यसभा की 12 सीटों में उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट शामिल है। उत्तराखंड में राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल की सीट के लिए चुनाव होना है। वहीं पश्चिम बंगाल में रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। इस तरह आयोग की घोषणा के बाद तीन राज्यों में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ेगी। तीनों राज्यों में चुनाव की प्रकृति और सीट की स्थिति अलग-अलग है, लेकिन मतदान की तारीख 16 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद शाम पांच बजे मतगणना शुरू की जाएगी। चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया को 19 अक्टूबर तक समाप्त करने की समयसीमा तय की है।
चुनाव की घोषणा के साथ ही अब राजनीतिक दलों के सामने उम्मीदवार तय करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी। उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर होने वाले चुनाव पर खास नजर रहेगी, क्योंकि राज्यसभा में उत्तर प्रदेश सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाले राज्यों में शामिल है। आयोग की घोषणा के बाद अब नामांकन से लेकर मतदान तक करीब ढाई सप्ताह का समय राजनीतिक दलों के पास रहेगा। इस दौरान उम्मीदवारों के नाम, दलों की तैयारियां और विधानसभा में उपलब्ध संख्या के आधार पर चुनावी समीकरण सामने आते जाएंगे। फिलहाल इतना तय है कि 16 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश समेत तीन राज्यों की 12 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के साथ नतीजे सामने आएंगे।
Updated on:
22 Sept 2026 12:20 pm
Published on:
22 Sept 2026 11:27 am
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