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अगर अन्ना हजारे ने नहीं किया आंदोलन तो उनके खिलाफ ये करेंगे आंदोलन

23 मार्च को अगर अन्ना हजारे ने नहीं किया आंदोलन तो उनके खिलाफ राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष शेखर दीक्षित करेंगे आंदोलन
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लखनऊ

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Prashant Srivastava

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Updated: 26 Feb 2018, 5:59 PM IST

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लखनऊ. वरिष्ठ समाजवसेवी अन्ना हजारे सोमवार को राजधानी लखनऊ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घोषणा कि वह 23 मार्च से दिल्ली में मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। वहीं राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने इसको लेकर अन्ना पर निशाना साधा है। राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष शेखर दीक्षित का कहना है कि आखिर अन्ना हजारे लोकपाल को लेकर 4 साल से क्यों चुप थे? उन्होंने 4 साल में एक बार भी मोदी सरकार के खिलाफ एक बात भी नही कही।

क्यों चुप थे अन्ना

शेखर दीक्षित ने कहा कि जैसे भाजपा को चुनाव के समय राममंदिर का मुद्दा याद आता है। वैसे ही अन्ना को चुनाव के समय लोकपाल का मुद्दा याद आ रहा है। अन्ना की मोदी सरकार के खिलाफ चुप्पी की वजह से ही उनसे जुड़ी पुरानी टीम अन्ना से अलग हो गयी। उन्होंंने कहा कि अन्ना हजारे ने देश के युवाओं के साथ धोखा किया है। जो युवा अन्ना आंदोलन से जुड़ने के लिए अपनी नौकरी,बिजनेस छोड़कर आया था,उसे धोखा ही मिला है। 4 साल से अन्ना हजारे की चुप्पी ने उन युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया है।

अगर नहीं किया आंदोलन तो...

शेखर दीक्षित ने कहा कि अन्ना हजारे आज भी आरएसएस और बीजेपी के इशारे पर चल रहे हैं। वह देश के युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। आन्दोलन के दौरान सहयोग के रूप में करोड़ों रुपये जे चंदे का इनके पास कोई हिसाब नहीं है। केजरीवाल और अन्ना ने मिलकर देश हित में मील चंदे का दुरुपयोग ही किया है। शेखर दीक्षित ने ये भी कहा कि अगर 23 मार्च को अन्ना हजारे ने दिल्ली में मोदी सरकार के खिलाफ जन सत्याग्रह करके किसान समस्या और लोकपाल को लेकर पुरजोर तरीक़े से विरोध नही किया तो अन्ना की पुरानी टीम के लोग उनके खिलाफ जन्तर-मंतर पर आंदोलन में बैठ जाएंगे।

आंदोलन से जुड़ने के लिए रखी शर्त

सोमवार को अन्ना हजारे से जब पूछ गया कि उनके कई सहयोगी राजनीति में चले गए, क्या उन्हें इस बात का मलाल है? तो इसे जवाब में वह बोले- इस बार वह आंदोलन में शामिल होने वालों से शपथ पत्र भरवाएंगे। इस शपथ पत्र में आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों को यह लिखकर देना होगा कि वे कभी राजनीति में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने राजनीति में कदम रखा तो वह उसे कोर्ट में घसीटेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों से 100 रुपये का शपथपत्र लिया जाएगा। इसमें लिखा होगा कि वह राजनीति में कभी नहीं आएंगे।