शेखर दीक्षित ने कहा कि जैसे भाजपा को चुनाव के समय राममंदिर का मुद्दा याद आता है। वैसे ही अन्ना को चुनाव के समय लोकपाल का मुद्दा याद आ रहा है। अन्ना की मोदी सरकार के खिलाफ चुप्पी की वजह से ही उनसे जुड़ी पुरानी टीम अन्ना से अलग हो गयी। उन्होंंने कहा कि अन्ना हजारे ने देश के युवाओं के साथ धोखा किया है। जो युवा अन्ना आंदोलन से जुड़ने के लिए अपनी नौकरी,बिजनेस छोड़कर आया था,उसे धोखा ही मिला है। 4 साल से अन्ना हजारे की चुप्पी ने उन युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया है।