27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

खतरनाक : यूपी में हर तीसरे व्यक्ति का लीवर फैटी, जानें बचाव के उपाय

फैटी लिवर की बीमारी देश में लिवर की बीमारियों के बढ़ते बोझ का कारण है, हम में से हर तीसरे व्यक्ति में फैटी लिवर हो सकता है।  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Ritesh Singh

•

Updated: 24 Apr 2023, 9:00 AM IST

 लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बात

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बात

लखनऊ एसजीपीजीआई हेपेटोलॉजी विभाग ने देश में यकृत रोगों के बढ़ते बोझ के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक वेबिनार का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता प्रोफेसर आर के धीमन, निदेशक पी जी आई एवं प्रोफेसर हेपेटोलॉजी, प्रोफेसर राजन सक्सेना, विभागाध्यक्ष , सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी; प्रोफेसर अमित गोयल, विभागाध्यक्ष हेपेटोलॉजी, और डॉ. सुरेंद्र सिंह, सहायक प्रोफेसर, हेपेटोलॉजी ने की।

यह भी पढ़ें: Lucknow Nikay Chunav: आज से निकाय चुनाव के लिए मैदान में उतरेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लिवर कैंसर से रोका जा सकता है

वेबिनार में संस्थान की फैकल्टी और स्टाफ सदस्यों और राज्य के 38 मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रो धीमन ने देश और राज्य में लिवर की बीमारियों के बढ़ते बोझ पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से लिवर की बीमारियों का जल्दी पता लगाने पर जोर दिया ताकि सिरोसिस और लिवर कैंसर को बढ़ने से रोका जा सके।

यह भी पढ़ें: video: चालक को आई झपकी, पलट गया ट्रक

हेपेटोलॉजिस्ट समय से रेफर हो

प्रोफेसर सक्सेना ने चिकित्सकों से सिरोसिस के रोगियों को प्रारंभिक अवस्था में हेपेटोलॉजिस्ट को समय पर रेफर करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें समय पर लिवर प्रत्यारोपण के साथ ठीक किया जा सके। उन्होंने बताया कि अगर हम निजी और सरकारी अस्पतालों में आईसीयू का नेटवर्क बना सकते हैं, तो हम लखनऊ शहर में ही कम से कम एक लिवर डोनर तैयार सकते हैं।


जंक फूड खाना और योग से दूरी बनाना बड़ी वजह

प्रोफेसर अमित गोयल ने उत्तर प्रदेश में भी फैटी लिवर के बढ़ते मामलों के बारे में उन्होंने बताया कि फैटी लिवर के मुख्य कारण गतिहीन जीवन शैली, जंक फूड खाना और लोगों में व्यायाम और खेल गतिविधियों की कमी है। इस बात पर भी जोर दिया गया कि वसायुक्त यकृत रोग के लिए वजन कम करना और व्यायाम सबसे प्रभावी उपचार है। शरीर के वजन का 5% वजन कम करने से फैटी लिवर ठीक हो सकता है और अगर हम अपना 10% वजन कम कर सकते हैं तो लिवर की चोट और लीवर फाइब्रोसिस भी उलट सकता है।

एसजीपीजीआई पहला संस्थान लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट

डॉ. सुरेंद्र सिंह ने लिवर प्रत्यारोपण को लेकर बताया कि एसजीपीजीआई देश का पहला ऐसा संस्थान है जिसने लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट किया है और निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम खर्च में लिवर ट्रांसप्लांट कर रहा है। उन्होंने राज्य भर के सभी चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे लिवर सिरोसिस के रोगियों को लिवर प्रत्यारोपण के लिए मूल्यांकन के लिए संजय गांधी पी जी आई जल्दी रेफर करें। यहां लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है। लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले मरीज सप्ताह के प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को हेपेटोलॉजी ओपीडी में परामर्श के लिए आ सकते हैं।