
यूपी में अब नीलगाय और सांड ने टक्कर मारी तो मिलेगा मुआवजा
यूपी में 11.8 लाख आवारा पशु हैं। इनमें नीलगाय और सांड के बेखौफ खुले घूमने की वजह से आम जनता में भय का माहौल बना रहता है। सूबे में नीलगाय और सांड के हमले से घायल होने की कई सूचनाएं हैं। कभी-कभी नीलगाय और सांड के हमले में मौत हो जाती है। नीलगाय और सांड के हमले में घायल होने या मृत्यु हो जाने पर अब यूपी सरकार मुआवजा देगी। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारी समिति ने इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा है। और पूरी उम्मीद है कि, इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।
भेजा प्रस्ताव जल्द मिलेगी मंजूरी
उत्तर प्रदेश में अब खेत या सड़क पर नीलगाय और सांड की टक्कर से घायल होने या मौत पर मुआवजा मिलेगा। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारी समिति ने इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा है। सीएम योगी को भेजे गए प्रस्ताव में यह नियम बनाया गया है कि, नीलगाय और सांड की टक्कर से अगर किसी की मृत्यु हो जाए तो आश्रित परिवार को चार लाख रुपए देने की व्यवस्था की गई है। और अगर घायल होने की अलग-अलग स्थिति में 50 हजार से दो लाख रुपए तक के मुआवजे की सिफारिश की गई है। गांवों से लेकर स्टेट हाइवे, नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर नीलगाय और सांडों से वाहनों की टक्कर में लोगों की मौत या घायल होने को देखते हुए यह सिफारिश की गई है। विधानसभा चुनाव 2022 के चुनाव के दौरान भी यह मुद्दा सरकार के संज्ञान में आया था।
विपक्ष का है एक बड़ा मुद्दा
सूबे में नीलगाय और सांड की टक्कर से होने वाले हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने से पीछे नहीं हटता। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव आए दिन अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सांडों के आतंक की फोटो और वीडियो शेयर कर सरकार पर निशाना साधते नजर आते हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में आने से पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने यह ऐलान किया था कि अगर सरकार सत्ता में आती है तो सांड की टक्कर से होने वाली मृत्यू पर सपा सरकार उनके आश्रितों को पांच लाख रुपए मुआवजा देगा। उसके बाद से यह मामला गरमा गया।
Updated on:
10 Sep 2022, 2:02 PM IST
Published on:
10 Sep 2022, 2:01 PM IST
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