27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विदेशी मेहमानों के स्वागत में सजाया जा रहा नवाबों का शहर लखनऊ, बदली जा रही रंगत

लखनऊ में जी20 को लेकर तैयारियां बहुत ही जोरों पर चल रही, स्मारकों में लगे बेंचों का रंग रोगन किया जा रहा है, और खाली पड़ी जगहों पर फूलों के पौधे रोपे गए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Ritesh Singh

•

Updated: 6 Feb 2023, 5:37 PM IST

  नगर आयुक्त बोले- पर्यटन केंद्र के रूप में होगा विकसित

नगर आयुक्त बोले- पर्यटन केंद्र के रूप में होगा विकसित

लखनऊ में कैसरबाग से हुसैनाबाद तक हेरिटेज जोन में स्थित ऐतिहासिक और विरासत भवनों और स्मारकों को जी 20 और जीआईएस कार्यक्रमों में प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए युद्ध स्तर पर पुनर्निर्मित किया जा रहा है। हुसैनाबाद ट्रस्ट बड़ा इमामबाड़ा और नौबत खाना पर काम कर रहा है, जबकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) रेजीडेंसी को नया रूप दे रहा है और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) सभी स्मारकों को रोशनी से रोशन कर रहा है।

यह भी पढ़ें: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने नाम की वेबसाइट को किया लांच, जानिए इसके बारे में

हेरिटेज जोन की रही रंगाई -पुताई

इन स्मारकों में लगे बेंचों पर भी रंग रोगन किया जा रहा है, और खाली पड़ी जगहों पर फूलों के पौधे रोपे गए हैं। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी और एलएमसी डिवाइडर की पुताई, गमले लगाने और फ्लाईओवर व चारदीवारी के नीचे की दीवारों को रंगवा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़कों का नवीनीकरण भी किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: आरएसपीजी ग्रुप करेगा 10 हजार करोड़ का निवेश


नगर आयुक्त बोले- पर्यटन केंद्र के रूप में होगा विकसित

अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र को इसलिए चुना गया, क्योंकि अधिकांश स्मारक, उस हिस्से में स्थित हैं, जहां प्रतिनिधि आएंगे और शहर की नवाबी संस्कृति और इतिहास के बारे में जानेंगे। नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने कहा, सौंदर्यीकरण अभियान आगे भी जारी रहेगा और क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: लखनऊ के विद्युत उपभोक्ताओं को मिली सौगात

स्मारकों पर चल रहा काम: एलडीए

एलडीए के कार्यकारी अभियंता मनोज कुमार ने कहा, अभी तक तीन स्मारकों बड़ा इमामबाड़ा, नौबतखाना और रेजीडेंसी में प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। पांच और स्मारक क्लॉक टॉवर, रूमी दरवाजा, सादात अली खान मकबरा, कोठी दरशवान विलास और कोत्शी क्षेत्र में रात्रि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दूसरे चरण में गुलिस्तान-ए-इराम को रोशन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: यूपी की शाही ईदगाह में मिला अवैध विद्युत कनेक्शन, FIR

उन्होंने कहा कि रात्रि पर्यटन के लिए विकसित किए जा रहे, हेरिटेज क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को बनाए रखने और बनाए रखने के लिए एक तंत्र बनाया जाएगा। लोगों के बीच अपनेपन की भावना को आत्मसात करने के लिए इस तरह के तंत्र में सार्वजनिक भागीदारी भी होनी चाहिए, इससे उन्हें स्मारकों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा सके।