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रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, 2015 में हुआ था यह मामला, कोतवाल को भी कारण बताओ नोटिस

- भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी समेत अन्य नेताओं के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी - 2015 से जुड़ा है मामला - कोतवाल को भी कारण बताओ नोटिस जारी - 8 दिसंबर को कोतवाल की अदालत में पेशी  
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लखनऊ

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Karishma Lalwani

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Updated: 20 Nov 2020, 12:34 PM IST

रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, 2015 में हुआ था यह मामला, कोतवाल को भी कारण बताओ नोटिस

रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, 2015 में हुआ था यह मामला, कोतवाल को भी कारण बताओ नोटिस

लखनऊ. विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 2015 के एक मामले में बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी समेत तत्कालीन कांग्रेस नेता और मौजूदा बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य समेत 9 अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। ये आदेश 17 अगस्त, 2015 को किए धरना प्रदर्शन से जुड़ा है जिसमें जगह-जगह पथराव और पुलिस बल पर हमला किया गया था। पुलिस बल पर हमला करने के एक आपराधिक मामले में गैरहाजिर रहने पर यह जमानती वारंट जारी किया गया है। इसके साथ ही अदालत ने इनके जमानतदारों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

8 दिसंबर को पेशी

सीओ हजरतगंज पर वारंट की तामील न कराने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही अदालत ने उन्हें 8 दिसंबर को पेशी के लिए बुलाया है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

ये केस तब का है जब रीता बहुगुणा जोशी कांग्रेस में थीं। 17 अगस्त, 2015 को कांग्रेस के लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान करीब पांच हजार नेता व कार्यकर्ता धरना स्थल से विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे। उन्होंने योगी सरकार के खिलाफ हुंकार भरी थी। इस दौरान रास्ते में कई जगह पथराव हुआ था। इलाके में भगदड़ मच गई थी और पुलिस पर भी पथराव हुआ था। राहगीरों को भी गंभीर चोटें आई थी। इस पर उसी साल 25 दिसंबर को पुलिस ने विवेचना के बाद 18 अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया था।

ये अधिकारी हुए थे जख्मी

इस हमले में उप जिलाधिकारी (पूर्वी) निधि श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) राजीव मल्होत्रा और आलमबाग तथा हुसैनगंज के थानाध्यक्षों समेत कई अधिकारी जख्मी हुए थे।

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