
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसी बीच विशेषज्ञों ने ओमिक्रॉन को लेकर भविष्यवाणी की है वह डराने वाली है। विशेषज्ञों का दावा है कि जिस रफ्तार से ओमिक्रॉन के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में फरवरी 2022 में ओमिक्रॉन संक्रमण का विस्फोट हो सकता है। इससे बचने के लिए हमारे पास एक महीने का समय शेष है। ऐसे में हमें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो अभी तक जितने संक्रमित मिले हैं उसमें ज्यादातर डेल्टा वैरीएंट के हैं। 2 ओमिक्रॉन के मामले गाजियाबाद में मिले हैं।
देश की स्थिति
पूरे देश में ओमिक्रॉन के 350 से ज्यादा मामले हैं विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे ही ओमिक्रॉन के मामले बढते रहे तो 2 से 3 सप्ताह में ओमिक्रॉन संक्रमण मरीजों की संख्या 1000 पार कर जाएगी। विशेषज्ञों ने चेताया है कि अगर लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो फरवरी महीने में कोरोना के तीसरे लहर का सामना करना पड़ सकता है।
शुक्रवार को मिले 10 नए संक्रमित
कोरोना वायरस संक्रमण के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग चिंता में है। उत्तर प्रदेश में लगातार कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के तहत अब उत्तर प्रदेश में 216 से अधिक संक्रमित मरीज हो गए हैं। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में 10 कोरोना संक्रमण के नए मामले मिले हैं उत्तर प्रदेश में जो कोरोना वायरस संक्रमित मरीज मिले हैं उनमें से 2 मरीज गाजियाबाद में ऐसे हैं जिनमें ओमिक्रॉन संक्रमण की पुष्टि हुई है जिसके बाद गाजियाबाद में सतर्कता बढ़ा दी गई है। नोएडा में संक्रमित मरीजों की जिनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है वहीं अस्पतालों में बड़ों की संख्या बढ़ाई गई है शासन के निर्देशों पर सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में मिले ज्यादातर संक्रमित मरीज करोना के डेल्टा वेरिएंट के हैं।
Published on:
25 Dec 2021 10:10 am
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