
लखनऊ. दीपावली के दिन जब पूरा प्रदेश दीपांजलि और पटाखों-फुलझड़ियों के साथ उत्सव मना रहा था तब लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर शाम को भिक्षावृत्ति मुक्ति अभियान के सदस्यों के साथ भिक्षुकों ने काली दीपावली मनाई। भिक्षुकों के पुनर्वास की मांगों को लेकर दीपावली की शाम काली दीपावली कार्यक्रम मनाया गया। इस अवसर पर बदलाव संस्था के संरक्षक रेमन मैग्सेसे अवार्डी डाक्टर संदीप पांडेय, भिक्षावृत्ति मुक्ति अभियान संयोजक शरद पटेल, महेंद्र प्रताप और भिक्षावृत्ति मुक्ति अभियान के प्रयास से भीख मांगना छोंड़कर पुनर्वास के प्रयास में जुटे 22 लोग मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें - दीपावली और छठ को लेकर रेलवे ने किये विशेष इंतजाम
अफसर उठाते हैं चालीस लाख रूपये तनख्वाह
संयोजक शरद पटेल ने कहा कि देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। समाज के ऐसे वंचित भिक्षुक लोग जिनके पास के खाने को अन्न नहीं, रहने को घर नहीं, वह दीपावली का त्यौहार कैसे मनाएं। भिखारियों के पुनर्वास के नाम पर उत्तर प्रदेश सरकार लगभग 40 लाख रुपये केवल वेतन के रूप में अधिकारियों-कर्मचारियों को दे रही है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार पर उठाये सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता डाक्टर संदीप पांडेय ने कहा कि गोरखपुर में सैकड़ों घरों का दीपक बुझाने वाले लोग अयोध्या में लाखों दीपक जला कर लोगों को अन्धविश्वास में डुबाये रखकर जनता को ***** बनाकर केवल राज करना चाहते है। पाण्डेय ने कहा कि भीख मांगकर गुजर बसर करने वाले लोग उन अधिकारियों से सौ गुना बेहतर है जो भिखारियों के नाम पर अपनी रोटियां सेक रहे है ।
यह भी पढ़ें - विनय कटियार ने ताज को बताया हिन्दू मंदिर, जावेद अख्तर ने संगीत सोम को दी कक्षा छह की किताब पढ़ने की सलाह
यह भी पढ़ें - रात में पटाखे जलाने पर होगी पांच साल की जेल
Published on:
20 Oct 2017 11:33 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
