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लखनऊ में संजय सिंह का बड़ा दावा, बोले- मेरे पास जमीन घोटाले के सारे सबूत हैं

आप सांसद संजय सिंह एसआईटी के समक्ष पेश हुए और 13 भूखंडों से जुड़े कथित घोटालों के दस्तावेज सौंपे। उन्होंने दावा किया कि इन कागजात में अनियमितताओं और जमीन घोटालों के अहम सबूत मौजूद हैं।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jun 25, 2026

जमीन घोटाले के आरोपों को लेकर SIT के सामने पेश हुए संजय सिंह, 13 भूखंडों से जुड़े दस्तावेज सौंपे (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

जमीन घोटाले के आरोपों को लेकर SIT के सामने पेश हुए संजय सिंह, 13 भूखंडों से जुड़े दस्तावेज सौंपे (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

Sanjay Singh Submits Land Scam Documents to SIT, Claims Evidence of 13 Properties: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह गुरुवार को जमीन घोटाले से जुड़े कथित मामलों के संबंध में विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश हुए। एसआईटी कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि उनके पास कई अहम दस्तावेज और सबूत हैं, जिन्हें वह जांच एजेंसी को सौंपने आए हैं। संजय सिंह ने दावा किया कि उनके पास करीब 13 भूखंडों से जुड़े दस्तावेज हैं, जिनमें 11 जमीनों के रिकॉर्ड और दो अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों में कथित घोटालों से जुड़ी जानकारी मौजूद है।

एसआईटी कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए संजय सिंह ने कहा, "एसआईटी ने मुझे बुलाया है और मैं आज सभी सबूत उनके सामने पेश करने आया हूं। मेरे पास लगभग 13 भूखंडों से संबंधित दस्तावेज हैं। इन कागजात में घोटालों का पूरा विवरण है और मैं इन्हें जांच एजेंसी को सौंप रहा हूं।"

जांच को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

संजय सिंह के एसआईटी के सामने पेश होने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जमीन से जुड़े कथित घोटालों का मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा में है और अब मामले में नए दस्तावेज सामने आने के दावे ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

आम आदमी पार्टी लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रही है। ऐसे में संजय सिंह द्वारा एसआईटी को दस्तावेज सौंपने की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताओं के प्रमाण हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

13 भूखंडों से जुड़े दस्तावेजों पर टिकी निगाहें

संजय सिंह ने जिन 13 भूखंडों से जुड़े दस्तावेजों का उल्लेख किया है, उन्हें लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर उत्सुकता बढ़ गई है। इन दस्तावेजों में कथित तौर पर जमीन खरीद, हस्तांतरण और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी शामिल है।

हालांकि, अभी तक इन दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही एसआईटी की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत बयान जारी किया गया है। लेकिन संजय सिंह के दावों के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

एसआईटी करेगी दस्तावेजों की जांच

जांच एजेंसियों के जानकारों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति किसी मामले से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करता है तो जांच एजेंसी उन कागजात की सत्यता और प्रासंगिकता की गहन जांच करती है। एसआईटी अब संजय सिंह द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों का अध्ययन करेगी और आवश्यक होने पर संबंधित पक्षों से पूछताछ भी कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, यदि दस्तावेजों में प्रथम दृष्टया कोई अनियमितता सामने आती है तो जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। वहीं, जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल करेगी कि दस्तावेजों में किए गए दावे कितने तथ्यात्मक और प्रमाणिक हैं।

आप का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

आम आदमी पार्टी लंबे समय से विभिन्न मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करती रही है। संजय सिंह ने भी कहा कि वह जांच एजेंसी को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं और उनके पास जो भी दस्तावेज हैं, वे सभी जांच के लिए उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का घोटाला हुआ है तो उसकी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और दोषी लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार

संजय सिंह द्वारा एसआईटी को दस्तावेज सौंपने के बाद अब राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अरविन्द कांत त्रिपाठी  का कहना है कि यदि जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं तो इसका प्रभाव राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। वहीं, यदि आरोप साबित नहीं होते हैं तो मामला एक नए राजनीतिक विवाद का रूप भी ले सकता है।

जांच के अगले चरण पर सबकी नजर

फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच एजेंसी दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आगे की रणनीति तय करेगी। संजय सिंह द्वारा पेश किए गए कथित सबूतों से जांच को नई दिशा मिल सकती है।

लखनऊ में एसआईटी कार्यालय पहुंचे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके पास उपलब्ध सभी दस्तावेज अब जांच एजेंसी के हवाले हैं और उन्हें उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी। अब देखना यह होगा कि एसआईटी इन दस्तावेजों की जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकालती है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह कहते हैं, "मैं ये सारे सबूत देने जा रहा हूँ। SIT ने मुझे बुलाया है, और मैं आज ये सारे सबूत SIT के सामने पेश करने आया हूँ। ये लगभग 13 ज़मीनों से जुड़े डॉक्यूमेंट हैं, जिसमें 11 ज़मीनें और दो और डॉक्यूमेंट शामिल हैं। इनमें घोटालों की डिटेल्स हैं। मैं ये सारे पेपर SIT को जमा कर रहा हूँ"