
कैबिनेट बैठक में योगी सरकार के बड़े फैसले, 14 में से 13 प्रस्तावों को मिली मंजूरी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
UP Cabinet : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट बैठक में जनहित, औद्योगिक विकास, शिक्षा सुधार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 14 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 13 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। इन फैसलों का सीधा असर आम जनता, उद्योग जगत, युवाओं और छात्रों पर पड़ेगा।
कैबिनेट के फैसलों में जहां एक ओर पारिवारिक संपत्ति दान पर स्टाम्प शुल्क में बड़ी राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने वाली ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर नीति की एसओपी को भी स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही फर्जी मार्कशीट प्रकरण में JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त करने का बड़ा निर्णय भी लिया गया है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए सबसे अहम और जनसरोकार से जुड़े फैसलों में पारिवारिक संपत्ति दान से संबंधित स्टाम्प शुल्क में भारी कटौती शामिल है। इस संबंध में जानकारी देते हुए स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि अब परिवार के ब्लड रिलेशन में किसी भी प्रकार की प्रॉपर्टी दान करने पर मात्र ₹5000 स्टाम्प शुल्क देना होगा।
अब तक संपत्ति दान के मामलों में लोगों को भारी स्टाम्प शुल्क का भुगतान करना पड़ता था, जिसके कारण कई परिवारों में कानूनी अड़चनें और विवाद उत्पन्न होते थे। सरकार के इस फैसले से पारिवारिक संपत्ति का हस्तांतरण सरल होगा और लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अवैध या अनौपचारिक लेन-देन पर भी रोक लगेगी।
प्रदेश में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए कैबिनेट ने कुशीनगर और झांसी में नए स्टाम्प कार्यालयों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन कार्यालयों के बनने से स्थानीय लोगों को स्टाम्प एवं पंजीकरण से जुड़े कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल जनता को सुविधा मिलेगी, बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी और पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया गया। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने बताया कि ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) नीति की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इस नीति के लागू होने से वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश में 21 औद्योगिक कंपनियों का निर्माण या संचालन शुरू होगा। इससे 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है। मंत्री नंदी ने कहा कि यह नीति प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ तकनीकी और औद्योगिक विकास को नई गति देगी।
कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक सख्त और अहम फैसला भी लिया गया। विधि मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जानकारी दी कि फर्जी मार्कशीट प्रकरण की जांच के बाद JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त कर दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त होने के बाद अब वहां के छात्रों की डिग्री और सर्टिफिकेट का सत्यापन और शैक्षणिक संचालन आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस फैसले से छात्रों का भविष्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और उनके हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।
JS विश्वविद्यालय के प्रकरण को लेकर सरकार ने यह स्पष्ट किया कि दोषी संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। आगरा विश्वविद्यालय द्वारा सत्यापन और संचालन की जिम्मेदारी संभालने से छात्रों को उनकी डिग्री की वैधता को लेकर भरोसा मिलेगा।
कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि योगी सरकार एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है। जहां एक ओर आम जनता को आर्थिक राहत देने के फैसले लिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उद्योग, निवेश, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना है।
Published on:
06 Jan 2026 03:08 pm
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