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कोरोना काल में अनाथों के नाथ बने सीएम योगी, भरण पोषण, पढ़ाई व आर्थिक सहायता की जिम्मेदारी उठाएगी योगी सरकार

कोरोनावायरस संक्रमण से अपने मां-बाप को खो चुके बच्चों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार आगे आई है।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

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Updated: 30 May 2021, 8:42 PM IST

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CM yogi

लखनऊ. कोरोनावायरस संक्रमण से अपने मां-बाप को खो चुके बच्चों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार आगे आई है। अनाथ बच्चों के लिए 'उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना' की शुरूआत हुई है। बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ शुरू से ही बच्चों के लिए बेहद संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के प्रभावित बच्चों के लिए बड़ी योजना की शुरुआत कर सीएम आदित्यनाथ बच्चों के लिए नाथ बन गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऐसे लगभग 2000 बच्चों को अब तक चिन्हित किया जा चुका है अब इन सभी बच्चों में योजना के अनुसार पात्र बच्चों को चयनित कर योगी सरकार सीधा लाभ देगी।

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मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की होगी मॉनिटरिंग-

डॉ विशेष गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में पात्र बच्चों को लाभ मिल सके इसके लिए प्रदेश में इस योजना की मॉनिटरिंग का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी के नियंत्रण में बनी समितियां जैसे बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई और ग्रामीण इलाकों में निगरानी समितियां इसकी मॉनिटरिंग करेंगी। इसके साथ ही प्रत्येक जनपद स्तर पर जिला अधिकारी और प्रदेश स्तर पर बाल संरक्षण आयोग भी इसकी निगरानी करेंगे।

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प्रदेश में युद्धस्तर पर किया जा रहा योजना पर काम-

महिला कल्याण विभाग के निदेशक मनोज कुमार राय ने बताया कि महिला कल्याण विभाग ने प्रदेश के सभी जनपदों के डीएम को ऐसे सभी बच्चों की सूची तैयार कर भेजने के आदेश दिए हैं। जिससे ऐसे सभी बच्चों के संबंध में सूचनायें संबंधित विभागों, जिला प्रशासन को पूर्व से प्राप्त सूचनाओं, चाइल्ड लाइन, विशेष किशोर पुलिस इकाई, गैर सरकारी संगठनों, ब्लाॅक तथा ग्राम बाल संरक्षण समितियों, कोविड रोकथाम के लिए विभिन्न स्तरों पर गठित निगरानी समितियों और अन्य बाल संरक्षण हितधारकों के सहयोग व समन्वय किया जा रहा है।

डरने की नहीं है बात योगी जी हैं साथ-
योजना के जरिए उन बच्चों को लाभ मिलेगा जिन्होंने अपने माता पिता या दोनो में। से एक कमाऊ सदस्य को एक मार्च 2020 के बाद महामारी के दौरान को दिया है। माता पिता किसी एक को मौत के बाद दिसरे की वार्षिक आय दो लाख से कम है तो उसको योजना का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही 10 साल से कम आयु के निराश्रित बच्चों की देखभाल प्रदेश व केंद्र सरकार के मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, रामपुर के बालगृहों में की जाएगी। इसके साथ ही अवयस्क बच्चियों की देखभाल और पढ़ाई के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में रखा जाएगा। 18 अटल आवासीय विद्यालयों में भी उनकी देखभाल की जाएगी।