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यूपी की 11 MLC सीटों पर भाजपा-सपा के बीच मुकाबला, जानें 23 अक्टूबर को किन सीटों पर होगा मतदान

UP MLC Election 11 Seats: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच एक और चुनावी मुकाबला होने जा रहा है। प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए आज बुधवार शाम को प्रचार थम जाएगा। 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी।
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लखनऊ

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Ankit Sai

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Oct 21, 2026

cm yogi akhilesh yadav patrika.com

अखिलेश यादव और सीएम योगी। फोटो सोर्स-पत्रिका

Uttar Pradesh MLC Election: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच एक और चुनावी मुकाबला होने जा रहा है। प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए आज बुधवार शाम को प्रचार थम जाएगा। 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी। इस चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर भाजपा सरकार के कई मंत्री प्रचार में जुटे हैं। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी पार्टी के सांसदों और विधायकों को अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारी सौंपी है।

भाजपा को दो अंकों तक पहुंचाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 एमएलसी सीटों पर चुनाव हो रहा है। पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 6 और भाजपा ने 5 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर दो अंकों में पहुंचाना चाहती है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद प्रचार की जिम्मेदारी संभाली है।

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, आगरा और गाजियाबाद समेत कई जिलों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं की हैं। चुनाव प्रचार में योगी सरकार के करीब एक दर्जन मंत्री भी शामिल हुए हैं। भाजपा और सपा के 100 से अधिक सांसदों और विधायकों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया है।

अखिलेश यादव ने सांसदों-विधायकों को सौंपी जिम्मेदारी

समाजवादी पार्टी भी इस चुनाव में अपनी पिछली जीत को बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद कोई चुनावी जनसभा नहीं की है, लेकिन पार्टी के सांसदों और विधायकों को जिलों में प्रचार की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा सपा के जिलाध्यक्षों, महानगर अध्यक्षों और उनकी टीमों को भी चुनाव में लगाया गया है। दोनों पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया है।

विधानसभा चुनाव से पहले क्यों अहम है मुकाबला?

इस एमएलसी चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है। इसकी एक वजह मतदान का तरीका भी है। इस चुनाव में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल होगा। राजनीतिक विश्लेषण में माना जा रहा है कि भाजपा को जीत मिलने पर पार्टी सपा की ओर से ईवीएम पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की कोशिश कर सकती है। वहीं, सपा को जीत मिलने पर पार्टी इसे अपने पक्ष में मिले समर्थन के रूप में पेश कर सकती है। हालांकि बैलेट पेपर से होने वाले इस चुनाव का नतीजा अपने आप में ईवीएम से जुड़े आरोपों को सही या गलत साबित नहीं करेगा।

सभी 75 जिलों तक फैला चुनाव

इस चुनाव की दूसरी खास बात इसके मतदाता हैं। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत मतदाता वोट डालते हैं। तीसरी वजह चुनाव का दायरा है। इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रदेश के सभी 75 जिले शामिल हैं। इसी कारण राजनीतिक दल इस चुनाव के नतीजों को विधानसभा चुनाव से पहले अपने समर्थन का एक संकेत मान सकते हैं। हालांकि इन सीटों के मतदाता सामान्य विधानसभा चुनाव के मतदाताओं से अलग होते हैं।

पांच स्नातक और छह शिक्षक सीटों पर चुनाव

विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद की सीटें हैं।

लखनऊ और वाराणसी खंड में ये जिले शामिल

लखनऊ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में नौ जिले आते हैं। इनमें लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर शामिल हैं। वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आठ जिले हैं। इनमें वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया शामिल हैं। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन और ललितपुर समेत 10 जिले शामिल हैं।

आगरा और मेरठ शिक्षक खंड के जिले

आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 12 जिले शामिल हैं। इनमें आगरा, अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, हाथरस, कासगंज, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और औरैया आते हैं। मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली समेत नौ जिले शामिल हैं।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड में सबसे ज्यादा जिले

बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल शामिल हैं। वहीं, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 17 जिले या उनके संबंधित क्षेत्र आते हैं। इनमें गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, आजमगढ़, मऊ, अमेठी और सुल्तानपुर के कुछ क्षेत्र शामिल हैं।