
अखिलेश यादव और मायावती के बीच निकाय चुनाव में जोरआजमाइश चल रही है।
उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच मुस्लिम वोटों को अपनी ओर करने की एक कोशिश चल रही है। इसके लिए मायावती तो बाकायदा बयान जारी करते हुए कह चुकी हैं कि बीजेपी को बीएसपी ही हरा सकती है। दोनों दल निकाय चुनाव में मुस्लिम वोटर की ओर देख रहे हैं। ऐसे में जिन सीटों पर दोनों ही दलों के मुस्लिम प्रत्याशी हैं, वहां ये देखना दिलचचस्प होगा कि मुस्लिम किधर जाएगा।
बसपा ने मेयर पद के लिए दिए सबसे ज्यादा मुस्लिमों को टिकट
बहुजन समाज पार्टी ने अब तक जिन सीटों पर मेयर पद के लिए कैंडिडेट घोषित किए हैं। उनमें मथुरा से राजा मोहतासिम अहमद, फिरोजाबाद से रुखसाना बेगम, सहारनपुर से खादिजा मसूद, लखनऊ से शाहीन बानो, प्रयागराज से सईद अहमद, मुरादाबाद से मोहम्मद यामीन, अलीगढ़ से सलमान शाहिद को चुनाव मैदान में उतारा है।
अब तक चार मेयर सीटों पर सपा-बसपा
इनमें से 4 सीटों पर सपा ने भी मुस्लिम कैंडिडेट दिए हैं। इसमें फिरोजाबाद से मसरूर फातिमा, सहारनपुर से नूर हसन, अलीगढ़ से जमीर उल्लाह खान और मुरादाबाद से रइसुद्दीन को कैंडिडेट बनाया है।
फिरोजाबाद, अलीगढ़, फिरोजाबाद और मुरादाबाद में मुस्लिमों की अच्छी-खासी आबादी है। मुस्लिम वोटर का मेयर चुनने में बड़ा रोल रहता है। 2017 में मेरठ और अलीगढ़ की सीटें बसपा ने जीती थीं, जिसमें मुस्लिम वोटर अहम था। ऐसे में इस दफा इन सीटों पर दोनों पार्टियों के मुसलमान कैंडिडेट होना, दोनों ही पार्टियों का गणित बिगाड़ सकता है।
Updated on:
19 Apr 2023, 11:29 AM IST
Published on:
19 Apr 2023, 11:28 AM IST
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