अमिताभ ठाकुर मामले की जांंच एसआईटी की टीम कर रही है। उन्होंने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट में कहा है कि अमिताभ ठाकुर उस समय आईजी के पद पर तैनात थे और जेल में बंद अपराधी सांसद अतुल राय से सांठगांठ कर एक पुलिस जांच रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में डालने के प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाते हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका के बारे में, जांच रिपोर्ट और विभिन्न मुकदमों की विवेचना की स्थिति के बारे में अलग से अंतिम रिपोर्ट दी जाएगी। बता दें कि पीड़िता ने वाराणसी के तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक, प्रयागराज एमपी एमएलए कोर्ट के जज आलोक श्रीवास्तव, अधिकारी वीपी सिंह, सीओ अमरेश सिंह, दरोगा संजय राय, उनके बेटे विवेक राय पर भी आरोप लगाए थे।