22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Flood In MP: शिवना नदी का पानी मंदिर में पहुंचा, भगवान पशुपतिनाथ का किया जलाभिषेक, देखें VIDEO

pashupatinath temple-मध्यप्रदेश में जारी है भीषण बारिश का दौर...। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर...।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मंदसौर

•

image

Manish Gite

•

Updated: 16 Aug 2022, 5:46 PM IST

shiv11.png

मंदसौर में पशुपतिनाथ के गर्भगृह तक पहुंच गई शिवना नदी।

मंदसौर (mandsaur)। मध्यप्रदेश में भारी बारिश (flood in mp ) का दौर जारी है। कई डैम से पानी छोड़ने के कारण नदियों में बाढ़ है। मंदसौर जिले में भी शिवना नदी (shivna river) उफान पर आ गई है। इस नदी के तट पर स्थित भगवान पशुपतिनाथ का मंदिर (pashupatinath temple) जलमग्न हो गया है। गर्भगृह में पानी भर गया है। पूरा शिवलिंग जलमग्न हो गया है। लोगों की आस्था है कि शिवना नदी हर साल भगवान का जलाभिषेक करने आती है।

Flood In MP: भारी बारिश से नर्मदा खतरे के निशान पर, 7 जिलों में अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी घोषित

मंदसौर की शिवना नदी में बाढ़ आ गई है। मंगलवार सुबह से ही मंदिर के गर्भगृह में पानी भर गया है। लोगों की आस्था है कि जब जब भी शिवना नदी भगवान पशुपतिनाथ का जलाभिषेक करने आती है तो पूरे सालभर क्षेत्र में खुशहाली रहती है। मंदिर परिसर में पानी बढ़ता देख दर्शनार्थियों का भी प्रवेश मंदिर में बंद कर दिया गया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई। इस बार भगवान के आठों मुंह जलमग्न हो गए हैं। इससे पहले सोमवार देर रात से ही शिवना नदी का जल स्तर बढ़ने लगा था। जो मंगलवार सुबह तक काफी बढ़ गया।

पहले भी आई थी भीषण बाढ़

साल 2019 में भी शिवना नदी में बाढ़ आई थी। जब मंदिर तो मंदिर गर्भगृह ही पूरा डूब गया था। हर साल एक न एक बार शिवना में बाढ़ आती है जिसका पानी मंदिर तक जरूर पहुंच जाता है। इस बार भी शिवना नदी भगवान का जलाभिषेक करने गर्भगृह तक पहुंच गई हैं।

जलाभिषेक देखने उमड़े श्रद्धालु

प्रशासन ने मंदिर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए हैं, वहीं इसके बावजूद कई श्रद्धालु मंदिर परिसर तक पहुंच रहे हैं। वे जलाभिषेक देखने के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं।

यह भी पढ़ेंः

1911 में 78 लाख की लागत से बना था एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का डैम