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तेल की सेल लगाएगा ईरान, भारत को मिलेंगे सबसे सस्ते पेट्रोल-डीजल

अमरीका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के दूसरे चरण के लागू होने से पहले ईरान ज्यादा से ज्यादा तेल बेचना चाहता है।
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नई दिल्ली

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Manoj Kumar

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Updated: 14 Aug 2018, 12:28 PM IST

Petrol Diesel Price

तेल की सेल लगाएगा ईरान, भारत को मिलेंगे सबसे सस्ते पेट्रोल-डीजल

नई दिल्ली। अमरीका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के बाद खराब हुए आर्थिक हालातों से निपटने के लिए ईरान ने अब एशियाई देशों को खुश करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत ईरान एशियाई देशों को रिझाने के लिए तेल की सेल लगाने पर विचार कर रहा है। इस सेल के माध्यम से ईरान एशियाई देशों को अन्य तेल उत्पादक देशों के मुकाबले काफी सस्ता तेल देगा। ईरान की भारत और चीन जैसे देशों पर खास नजर है। संभावना जताई जा रही है कि ईरान भारत और चीन के लिए विशेष छूट की घोषणा भी कर सकता है। इससे भारत को सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल मिलना तय है। यदि एेसा होता है तो महंगे पेट्रोल-डीजल की मार से जूझ रहे देशवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से तेल की इस सेल को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। लेकिन ईरान की एक न्यूज एजेंसी ऑयल मिनिस्ट्री के हवाले से लिखा है कि ग्लोबल मार्केट में बने रहने के लिए ईरान एेसा करने जा रहा है।

मिल सकता है 14 साल में सबसे बड़ा डिस्काउंट

ईरानी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में छूट को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है। लेकिन ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान की ओर से तेल पर देने वाली यह छूट काफी बड़ी हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी सितंबर में अपनी सेल बढ़ाने के लिए कीमतों में काफी कटौती कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार ईरानी तेल कंपनी की ओर से दिया जाने वाला यह डिस्काउंट पिछले 14 साल में सबसे बड़ा डिस्काउंट हो सकता है।

भारत और चीन को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की ओर से एशियाई देशों के लिए छूट दी जाएगी। इसमें भी भारत और चीन के लिए खास छूट दी जा सकती है। इस कारण यह है कि भारत और चीन एशिया के सबसे बड़े तेल आयातक देश हैं। इसमें भी ईरान में उत्पादित होने वाले तेल का आधा हिस्सा भारत और चीन ही खरीदते हैं। आपको बता दें कि अमरीका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का दूसरा चरण 5 नवंबर से शुरू होने वाला है। इस प्रतिबंध के लागू होने का बाद ईरान को तेल उत्पादन में कमी करनी पड़ेगी। एेसे में ईरान प्रतिबंध लागू होने से पहले जरूरत के अनुसार कमाई कर लेना चाहता है।