
मथुरा. भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) द्वारा तहसील मांट में किसानों एवं क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर घेराव किया गया। सबसे पहले किसानों ने तहसीलदार को बंधक बनाया और एसडीएम को पंचायत में बुलाने की मांग की। लेकिन कोई नहीं आया तो गुस्साए किसानों ने तहसील से एक्सप्रेस-वे के लिए पैदल मार्च कर दिया। किसानों ने एक्सप्रेस-वे को जाम करने का प्रयास किया, लेकिन डीएम द्वारा तत्काल एसडीएम को भेजा गया और किसानों से बात की गई।
तहसीलदार को बनाया बंधक
भारतीय किसान यूनियन अम्बावता गुट के जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर के नेतृत्व में तहसील मांट में क्षेत्रीय एवं किसानों की समस्याओं को लेकर तहसील का घेराव किया गया। तहसील परिसर में पंचायत का आयोजन हुआ। जिसमें गुस्साए किसानों ने सबसे पहले तहसीलदार मांट मनीष भदौरिया को बंधक बना लिया। किसान तहसील में फैल रहे भ्रष्टाचार एवं समस्याओं के समाधान के लिए एसडीएम को लाने की मांग पर अड़े रहे।
गुस्साएं किसानों के किया एक्सप्रेस-वे का कूच
किसानों को बताया गया कि एसडीएम तहसील में नहीं है। जब किसानों ने जाकर देखा तो एसडीएम अपने आवास पर थे। इससे गुस्साए किसान एकजुट हो गए और एसडीएम के आवास पर जाकर नारेबाजी करने लगे। जिलाध्यक्ष ने सभी किसानों को लेकर मांट से यमुना एक्सप्रेस-वे को जाम करने लिए कूच कर दिया। जैसे ही यमुना एक्सप्रेस जाम होने की सूचना जिलाधकारी को मिली तो उन्होंने एसडीएम मांट रामदत्त राम को तत्काल प्रभाव से किसानों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को समाधान करने के निर्देश दिए।
किसानों ने दिया एक सप्ताह का समय
एसडीएम मांट आनन-फानन में अधीनस्थ अधिकारियों के साथ किसानों को जाम करने से रोकने के लिए जाबरा रोड पर आ गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया। एक घंटे चली वार्ता के बाद किसानों की सभी मांगों को लेकर एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारी मांट को एक सप्ताह का समय देते हुए ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर चंद्रपाल सिंह सिकरवार जिला उपाध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष सोनवीर सिंह प्रधान, तहसील महासचिव सत्येंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष हरपाल चौधरी, अंशू नौहवार, खुशी पहलवान, रामवीर सिंह, उदयवीर सरपंच, शिवकुमार तोमर आदि मौजूद रहे।
BY: Niramal Rajpoot
Published on:
8 Sep 2021, 2:24 PM IST
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