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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खण्डपीठ स्थापना के लिए तेज होगा आंदोलन

-खण्डपीठ आंदोलन को जनता से जोड़ा जाएगा-गांव गांव गोष्ठियों का किया जाएगा आयोजन-जनता को बताए जाएंगे खण्डपीठ के लाभ
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मथुरा

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Amit Sharma

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Updated: 26 Jul 2019, 8:46 PM IST

western Uttar Pradesh

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खण्डपीठ स्थापना के लिए तेज होगा आंदोलन

मथुरा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खण्डपीठ स्थापना को लेकर आंदोलन तेज होगा। लम्बे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खण्डपीठ स्थापना के लिए आंदोलन जारी है। खण्डपीठ स्थापना संघ युवा, मथुरा के संयोजक एड. ललित शर्मा ने बताया कि खण्डपीठ के लिए अधिवक्ताओं का आंदोलन लम्बे समय से चल रहा है। यह आंदोलन अधिवक्ताओं तक सीमित रहा है, जबकि खण्डपीठ का लाभ जितना अधिवक्ताओं को मिलेगा उतना ही यहां की जनता को भी मिलेगा। दूसरी तरह से देखा जाए तो आम आदमी को खण्डपीठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनने से ज्यादा सहूलियत होगी। इतने लम्बे समय तक खण्डपीठ के लिए आंदोलन चलने के बाद भी परिणाम नहीं आने के कारणों पर भी खण्डपीठ स्थापना संघ युवा ने विचार विमर्श किया है। संघ इस निर्णय पर पहुंचा है कि इस आंदोलन को गति दी जाए।

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सह संयोजक एड. नीरज राठौर ने बताया कि खण्डपीठ आंदोलन को आम आदमी का आंदोलन बनाने का फैसल लिया गया है। शुक्रवार को कैंप कार्यालय पर हुई संघ की बैठक में यह फैसला लिया गया कि खण्डपीठ आंदोलन को आमजन का आंदोलन बनाया जाएगा। लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सर्वोपिर है। जब जनता की आवाज उठेगी तो राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को ज्यादा दिन तक नजरअंदाज नहीं कर सकेंगे। उन्होंने इस बात पर नाराजगी भी जताई कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं ने इस मुद्दे को उस ताकत से नहीं उठाया जिसकी की आवश्यकता थी। अधिवक्ता अब नेता और अधिकारियों से नहीं जनता से समर्थन मांग रहे हैं। इसके लिए गांव गांव नुक्कड़ सभाएं की जाएंगी। लोगों को जागरूक किया जाएगा। जल्द ही यह आंदोलन आम जनता की अपील बनेगा। इसके लिए संगठन से जुड़े अधिवक्ता लगातार काम कर रहे हैं।