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राधा और गोपियों के साथ आज भी रास रचाते हैं श्रीकृष्ण, देखने वाला हो जाता है पागल

आमतौर जहां पर पेड़ों की शाखाएं ऊपर की ओर बढ़ती है तो वहीं निधि वन में मौजूद पेड़ों की शाखाएं नीचे की ओर बढ़ती है।
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मथुरा

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Nitish Pandey

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Updated: 15 Nov 2021, 4:48 PM IST

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मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। ऐसी मान्यता है कि वृन्दावन के निधिवन में गोपियां आज भी आती हैं और कृष्ण के साथ रास रचाती हैं। जिसके चलते शाम को संध्या के बाद निधिवन को बंद कर दिया जाता है और कोई भी यहां नहीं रहता।

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निधिवन में रास रचाते हैं श्रीकृष्ण

वृंदावन में रोज लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसी वृंदावन में एक ऐसी जगह भी मौजूद है, जिसको लेकर मान्यता है कि वहां हर रात भगवान कृष्ण और राधा रास रचाने आते हैं।

सुबह बिखरा मिलता है बिस्तर

यहां मौजूद महंत बताते हैं कि हर रात भगवान श्री कृष्ण के कक्ष में उनका बिस्तर सजाया जाता है। दातुन और पानी का लोटा रखा जाता है। जब सुबह मंगला आरती के लिए पंडित उस कक्ष को खोलते हैं तो लोटे का पानी खाली, दातुन गिली, पान खाया हुआ और कमरे का सामान बिखरा हुआ मिलता है।

देखने वाला हो जाता है पागल

कहा जाता है कि निधिवन बंद होने के बाद भी यदि कोई छिपकर रासलीला देखने की कोशिश करता है तो वह पागल हो जाता है। मंदिर के महंत के मुताबिक एक कृष्ण भक्त रास लीला देखने के लिए निधिवन में छिप गया। सुबह जब निधिवन खुला तो वो बेहोश मिला और उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था।

नीचे की ओर बढ़ती हैं पेड़ों की शाखाएं

जहां पर पेड़ों की शाखाएं ऊपर की ओर बढ़ती है तो वहीं निधि वन में मौजूद पेड़ों की शाखाएं नीचे की ओर बढ़ती है। इन पेड़ों की स्थिति ऐसी है कि रास्ता बनाने के लिए उनकी शाखाओं को डंडों के सहारे फैलने से रोका गया है।

नहीं खुलती हैं घरों की खिड़कियां

कहा जाता है कि निधिवन के आसपास मौजूद घरों में लोगों ने उस तरफ खिड़कियां नहीं लगाई हैं। जिन मकानों में खिड़कियां हैं भी, वो शाम सात बजे मंदिर की आरती का घंटा बजते ही बंद कर लेते हैं। कई लोगों ने अपनी खिड़कियों को ईंटों से बंद भी करा दिया है।

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