
फर्जी तरीके से रुपए लेकर अमीरों के बेच दिए गरीबों के आशियाने
मथुरा। वृन्दावन कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना में फर्जी मकान आवंटन का खुलासा हुआ है, जिसको लेकर डूडा के शहरी मिशन प्रबंधक मनीष कुमार वर्मा ने डूडा विभाग के ही पूर्व कर्मचारी विजय पाठक एवं राहुल अग्रवाल के विरुद्ध धोखाधड़ी एवं सरकारी कार्य में बाधा जैसी विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पुलिस ने आरोपी विजय पाठक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
ये है मामला
गौरतलब है कि बसपा सरकार में गरीब एवं निराश्रित लोगों के लिए माट पानी गांव संपर्क मार्ग स्थित कांशीराम गरीब आवासीय कॉलोनी में विकास प्राधिकरण के द्वारा 736 फ्लैट बनाए गए थे। जिनमें 711 फ्लैटों का आवंटन किया जा चुका है। शुरुआत से ही आवासों के आवंटन को लेकर विभागीय कर्मचारियों पर उंगलियां उठने के साथ ही मनमाने तरीके से आवंटन करने के आरोप लगते रहे हैं। आपको बता दें कि गरीब निराश्रित लोगों के लिए बनाए इन आवासों के आवंटन में कर्मचारियों ने हजारों से लेकर लाखों रुपए तक लेकर जमकर चांदी काटी। यह तो थी आवंटन में लाभार्थियों से धन ऐंठने की बात लेकिन आपको जानकार और भी हैरानी होगी कि कुछ कर्मचारियों ने विभाग की मोहर व फर्जी दस्तावेज तैयार कर दो आवाज़ भी फर्जी तरीके से आवंटित कर दिए। जिनके लिए लाभार्थियों से 30 हजार से लेकर 40 हजार तक लिए गए थे।
आरोपी गिरफ्तार
डूडा के शहर मिशन प्रबंधक मनीष कुमार वर्मा ने डूडा के पूर्व कर्मचारी ब्रह्मकुंड मानस मंदिर के रहने वाले विजय पाठक पुत्र इंदुभूषण पाठक एवं राहुल अग्रवाल के खिलाफ धारा 420, 409, 467, 471 आदि विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। डूडा के अधिकारी ने दर्ज कराए मुकदमे में फ्लैट नंबर 20 जी तीन तथा 23 जी दो को फर्जी तरीके से आवंटन करना बताया है। वहीं आरोप लगाया है कि विजय पाठक एवं राहुल विभागीय दस्तावेज एवं जरूरी मोहर अपने घर पर ले जाकर इनका दुरुपयोग करते थे। इधर पुलिस ने शनिवार को आरोपी विजय पाठक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोहर बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी का चालान कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है इधर आरोपी विजय पाठक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए विभागीय षड्यंत्र बताया है।
Updated on:
08 Jul 2018 07:26 pm
Published on:
08 Jul 2018 07:26 pm
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