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‘जो राज जान जाता है उनकी हत्या कर देते हैं’, प्रेमानंद आश्रम के शिष्य रसिक दुलारी महाराज की मौत के मामले में बोले दिनेश फलहारी

Rasik Dulari Maharaj Death Case Row: प्रेमानंद आश्रम के शिष्य रसिक दुलारी महाराज की मौत की CBI जांच की मांग की गई है। दिनेश फलहारी ने मामले को लेकर गंभीर आरोपों और बच्चों के गायब होने की खबरों का जिक्र किया है।
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शिष्य रसिक दुलारी शरण और प्रेमानंदजी

शिष्य रसिक दुलारी शरण और प्रेमानंदजी- Image Patrika enhanced AI

Rasik Dulari Maharaj Death Case Row:उत्तर प्रदेश में प्रेमानंद आश्रम के शिष्य रसिक दुलारी महाराज की मौत का मामला सामने आने के बाद इसकी CBI जांच की मांग की गई है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलहारी ने मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। दिनेश फलहारी का कहना है कि इस मामले में कई चीजें गलत होती हुई दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन संतों को कुछ खास राज पता चल जाते हैं, उन्हें मार दिया जाता है।

'यहां बहुत कुछ गड़बड़ चल रहा है'

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलहारी ने कहा, '' यहां बहुत कुछ गड़बड़ चल रहा है, क्योंकि जो राज जान जाता है उनकी हत्या कर देते हैं। बच्चे गायब हो रहे हैं। नाबालिग बच्चे कृष्ण भक्ति में आ जाते हैं और प्रेमानंद महाराज खुद दुखी होकर यहां से 20 किलोमीटर दूर यमुना पार चले गए।''

उन्होंने कहा, '' यहां दो तरह की गुटबाजी हो गई है। एक तरफ नकली संत हो गए हैं और तरफ असली। असली संत दूर चले गए हैं। प्रेमानंद महाराज आहात होकर यहां से गए हैं। मैंने मुख्यमंत्री से कहा कि मामले की CBI जांच होनी चाहिए, क्योंकि यहां बहुत कुछ षडयंत्र हो रहा है।''

ये है पूरा मामला

बता दें कि प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण का वास्तविक नाम दीपक लोधी था। वे मूलत: जबलपुर के रहनेवाले थे। दीपक लोधी ने 2 साल पूर्व वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से बाकायदा दीक्षा ली। वे उन्हीं के आश्रम में रहने लगे थे। करीब 3 माह से रसिक दुलारी शरण वाराह घाट इलाके में गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में रह रहे थे। यह 4 मंजिला इमारत प्रेमानंद महाराज के केली कुंज ट्रस्ट की है।

पुलिस के अनुसार 25 सितंबर करीब 10.35 बजे रसिक दुलारी शरण इमारत की चौथी मंजिल पर गए। कुछ देर बाद वहां से नीचे गिर गए। रसिक दुलारी शरण को गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव बताई जा रही है। प्रेमानंदजी के शिष्य रसिक दुलारी शरण के परिजन पूरे केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। अभी मथुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पोस्टमार्टम के बाद दूसरे दिन रसिक दुलारी शरण का वृंदावन में ही यमुना के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उनके परिजन के साथ ही देशभर के साधु संत घटना की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच घटनाक्रम से जुड़ा एक नया वीडियो भी सामने आया । इसमें रसिक दुलारी शरण के अंतिम पल कैद हैं। वीडियो में दिख रहा है कि वे चौथी मंजिल की दीवार पर कुछ बैठे रहे और इसके बाद फर्श पर ही लेट गए। अचानक उठकर रसिक दुलारी शरण चौथी मंजिल के नीचे गिर गए। उन्हें जमीन पर पड़े देखकर एक साधक सहित वहां से गुजर रहे अन्य लोग भी डर गए थे।