
शिष्य रसिक दुलारी शरण और प्रेमानंदजी- Image Patrika enhanced AI
Rasik Dulari Maharaj Death Case Row: वृंदावन के प्रसिद्ध और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर Z+ सिक्योरिटी की मांग उठ रही है। हाल ही में उनके आश्रम 'श्री राधा केलि कुंज' में उनके एक शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद से आश्रम की व्यवस्थाओं और वहां के माहौल को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच अब रसिक दुलारी मामले में एक नया CCTV वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में रसिक दुलारी अपनी मौत से ठीक पहले सीढ़ियां चढ़कर छत पर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सामने आया यह नया वीडियो करीब 33 सेकेंड का है। इसमें देखा जा सकता है कि रसिक दुलारी अकेले ही सीढ़ियों के रास्ते चौथी मंजिल की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने अपने माथे पर सफेद चंदन लगाया हुआ है और शरीर पर एक पीला कपड़ा डाला हुआ है। इसके अलावा उनके एक हाथ में भी पीला कपड़ा नजर आ रहा है। वीडियो में वह काफी थके हुए और परेशान दिखाई दे रहे हैं। खून से सनी धोती इस बात की गवाही दे रही है कि वह उस वक्त गंभीर रूप से घायल थे। वीडियो में रसिक दुलारी धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़कर जैसे ही छत पर पहुंचते हैं उसके बाद वीडियो खत्म हो जाता है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उनके छत से गिरने के ठीक पहले का है। छत पर पहुंचने और वहां से नीचे गिरने का वीडियो पहले ही सामने आ चुका था।
रसिक दुलारी की मौत का रहस्य अब तक नहीं सुलझ सका है। बता दें कि प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण का वास्तविक नाम दीपक लोधी था। वे मूलत: जबलपुर के रहनेवाले थे। दीपक लोधी ने 2 साल पूर्व वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से बाकायदा दीक्षा ली। वे उन्हीं के आश्रम में रहने लगे थे। करीब 3 माह से रसिक दुलारी शरण वाराह घाट इलाके में गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में रह रहे थे। यह 4 मंजिला इमारत प्रेमानंद महाराज के केली कुंज ट्रस्ट की है।
पुलिस के अनुसार 25 सितंबर करीब 10.35 बजे रसिक दुलारी शरण इमारत की चौथी मंजिल पर गए। कुछ देर बाद वहां से नीचे गिर गए। रसिक दुलारी शरण को गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव बताई गई। प्रेमानंदजी के शिष्य रसिक दुलारी शरण के परिजन पूरे केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। अभी मथुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद दूसरे दिन रसिक दुलारी शरण का वृंदावन में ही यमुना के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उनके परिजन के साथ ही देशभर के साधु-संत घटना की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच घटनाक्रम से जुड़ा एक नया वीडियो भी सामने आया । इसमें रसिक दुलारी शरण के अंतिम पल कैद हैं। वीडियो में दिख रहा है कि वे चौथी मंजिल की दीवार पर कुछ बैठे रहे और इसके बाद फर्श पर ही लेट गए। अचानक उठकर रसिक दुलारी शरण चौथी मंजिल के नीचे गिर गए। पुलिस इस मामले में अब तक 85 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, लेकिन आत्महत्या की असल वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है।
बता दें इस बीच आश्रम पर जमीन से जुड़े विवाद और संतों में मतभेद जैसे कई बड़े मामलों का भी खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले को लेकर पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 2 चिट्ठियां भेजी जा चुकी हैं, जिनमें प्रेमानंद महाराज के लिए Z+ सिक्योरिटी की मांग की गई है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में दावा किया कि प्रेमानंद महाराज के केलि कुंज आश्रम में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आश्रम में 2 गुट बन गए हैं। एक गुट में तपस्या करने वाले संत हैं, जबकि दूसरे गुट पर जमीन कब्जाने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
फलाहारी महाराज के मुताबिक, जब संत प्रेमानंद महाराज को आश्रम में चल रही इन गतिविधियों और जमीन के खेल के बारे में पता चला, तो वह बहुत आहत हुए। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने केलि कुंज आश्रम से दूरी बना ली और वहां से करीब 20 किलोमीटर दूर बेलवन आश्रम चले गए। उनके साथ कई अन्य तपस्वी संत भी वहां चले गए हैं। फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया है कि कुछ भूमाफिया संत प्रेमानंद महाराज की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
शर्मा का कहना है कि यही माफिया गुट प्रेमानंद महाराज जी के साथ किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है। उन्होंने मांग की कि इस गुट की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गुट ने यमुना खादर की जमीन बेचकर करोड़ों-अरबों की संपत्ति इकट्ठा कर ली है। फलाहारी महाराज का कहना है कि यमुना खादर की जमीन को लेकर प्रेमानंद महाराज के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। उनका दावा है कि इस खेल के पीछे कुछ बेहद ताकतवर लोग हैं, जिनसे टकराने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री संतों के रक्षक हैं। हमें विश्वास है कि वे महाराज को सुरक्षा जरूर प्रदान करेंगे।
फलाहारी महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग इन भूमाफियाओं के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें जान का खतरा हो सकता है। इसके अलावा, उन्होंने आश्रम से कुछ बच्चों के गायब होने का भी सनसनीखेज आरोप लगाया है और इसके पीछे किसी आपराधिक गिरोह के होने की आशंका जताई है। हालांकि, एक गायब बच्चे के बरसाना में मिलने की भी खबर है। इन गंभीर आरोपों के चलते फलाहारी महाराज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की है।
इन तमाम विवादों और रसिक दुलारी की मौत के बाद वृंदावन के संतों में काफी चिंता है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी और अन्य साधु-संतों ने पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में दावा किया गया है कि प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा है और भूमाफिया उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए, संतों ने महाराज की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल उन्हें Z+ सिक्योरिटी देने की मांग की है।
Updated on:
05 Oct 2026 02:00 pm
Published on:
05 Oct 2026 12:31 pm
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