
संत प्रेमानंद महाराज, फोटो सोर्स- X भजन मार्ग
Mathura Vrindavan Premananda Maharaj: मथुरा में श्री हित राधा केलि कुंज, वृंदावन के महान संत प्रेमानंद महाराज के खिलाफ बयान देने वालों की कथा वाचकों, महान संतों ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज लाखों युवाओं को राधा नाम से जोड़ रहे हैं, सतमार्ग से भटके हुए लोगों को रास्ते में लाने का काम किया है। निष्पक्ष जांच और अफवाहों से बचने को कहा है। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि सनातन पर कुठाराघात हो रहा है। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि मीडिया टीआरपी के लिए खुद ही जज बन रही है। मलूक पीठ के पीठाधीश्वर राजेंद्र दास ने कहा कि प्रेमानंद जैसे महापुरुष युगों में एक होते हैं। देवी चित्रलेखा ने कहा कि अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है उन्होंने लोगों से मर्यादाएं ना लांघने को कहा है। दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा वृंदावन के महान संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद मीडिया में आ रही खबरों से संत समाज नाराज है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वृंदावन में साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद चल रहे विवाद पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सनातन धर्म और संतों पर चारों तरफ से कुठाराघात हो रहा है। कुछ शत्रु जानबूझकर धामों को बदनाम करने के लिए उपद्रव कर रहे हैं। उन्होंने माताओं-बहनों से अपील की कि अकेले धाम न आएं और किसी अनजान सेवादार पर भी भरोसा न करें।
वृंदावन में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने संत प्रेमानंद महाराज के समर्थन में मीडिया को आड़े हाथों लिया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज जैसे भजनानंदी संत किसी की मौत के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकते। आजकल कुछ यूट्यूबर और न्यूज चैनल बिना तथ्य जाने खुद ही जज बनकर फैसला सुना रहे हैं, केवल टीआरपी और व्यूज के लिए। प्रेमानंद जी ने करोड़ों भटके युवाओं को भक्ति से जोड़ा है। दोनों किडनी खराब होने के बाद भी समाज कल्याण कर रहे हैं।
वृंदावन के मलूक पीठ के पीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी महाराज ने प्रेमानंद महाराज की महिमा का बखान करते हुए उनका जोरदार समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लाखों भटके हुए युवाओं को धर्म, माता-पिता की सेवा और राधा नाम से जोड़ने वाले प्रेमानंद जी जैसे महापुरुष युगों में एक होते हैं। पूरे राष्ट्र को नई दिशा देने वाले ऐसे संत की बराबरी कोई नहीं कर सकता। वर्तमान में कुछ लोग चंद पैसों और प्रसिद्धि के लिए उनकी साधना पर सवाल उठा रहे हैं, जो बेहद निंदनीय है। संत समाज को एकजुट होकर ऐसे षड्यंत्रों का विरोध करना चाहिए।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा कि आश्रम में रसिक दुलारी की मौत के बाद कुछ गुट सक्रिय हो गए हैं और आश्रम की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज वृंदावन का गौरव हैं, उनकी सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।
अयोध्या में प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा की मांग का समर्थन करते हुए अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और महंत सीताराम दास ने संयुक्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर सनातन विरोधी और विकृत मानसिकता वाले तत्व संतों को निशाना बनाते हैं। प्रेमानंद महाराज के खिलाफ लगातार बयानबाजी इसी साजिश का हिस्सा है। महंत सीताराम दास ने कहा कि प्रेमानंद महाराज संत समुदाय के गौरव हैं और सनातनियों का नैतिक कर्तव्य है कि इस गौरव को बचाएं। उन्हें पूरा भरोसा है कि योगी सरकार में संत सुरक्षित हैं और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
प्रसिद्ध भागवताचार्य देवी चित्रलेखा ने संत प्रेमानंद महाराज के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार पर उन्होंने कहा कि लोग संत प्रेमानंद महाराज के बारे में जो मन में आ रहा बोल रहे हैं, सारी मर्यादाएं लांघ रहे हैं। किसी को कुछ भी वास्तविक पता नहीं है, फिर भी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। अधूरा ज्ञान बहुत खतरनाक होता है। यदि किसी विषय का पूर्ण ज्ञान न हो तो मौन रहना ही बेहतर होता है।
Updated on:
07 Oct 2026 10:52 am
Published on:
07 Oct 2026 10:52 am
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