
मेरठ। हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए हड़ताल कर रहे अधिवक्ताओं का आज चौथा दिन था। अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में घूमकर लोगों से जनसमर्थन की अपील की। अधिवक्ताओं का कहना था कि केंद्र और प्रदेश सरकार की लापरवाही से हाईकोर्ट बेंच पश्चिम उप्र में नहीं आ पा रही है। हाईकोर्ट बेंच स्थापना केन्द्रीय संघर्ष समिति पश्चिम यूपी के अाह्वान पर गुरुवार को हड़ताल के चौथे दिन कचहरी में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सुबह से ही ट्रेजरी, रजिस्ट्री कार्यालयों की तालाबंदी करवा दी। अदालतों में तालाबंदी करने के बाद अधिवक्ताओं के दल ने कचहरी में धरनास्थल पर क्रमिक अनशन शुरू किया।
22 जनपदों का समर्थन
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश्व कुमार अग्रवाल और सचिव प्रबोध कुमार शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट बेंंच आंदोलन को वेस्ट यूपी के 22 जनपदों के जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस बार की लड़ाई हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए अंतिम लड़ाई साबित होगी। इस बार अधिवक्ता वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच लिए बिना आन्दोलन समाप्त नहीं करेंगे। बताते चलें कि केन्द्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हाईकोर्ट की सर्किट बेंच स्थापना को हरी झंडी दिए जाने को लेकर पश्चिम के वकीलों में रोष है। केन्द्र सरकार पर दोहरी नीति अपनाए जाने का आरोप लगाते हुए वेस्ट यूपी के अधिवक्ता पिछले चार दिनों से हड़ताल पर हैं।
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प्रेस क्लब पहुंचने की रणनीति
सचिव ने बताया कि दिल्ली प्रेस क्लब पर धरने की रणनीति बनाई जा रही है। धरनास्थल पर संबंधित जिलों के सांसद भी मौजूद रहेंगे और वे भी हाईकोर्ट बेंच के लिए मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली प्रेस क्लब पर सभी 22 जिलाें से प्रतिनिधि आएंगे और वे साथ में अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों को भी लेकर आएंगे।
लोग हो रहे परेशान
कचहरी में हड़ताल के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। उन्हें प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेजरी और रजिस्ट्री कार्यालय बंद होने से सरकार को भी प्रतिदिन लाखाें का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Published on:
22 Feb 2018 03:58 pm
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