
53 साल बाद बने त्रिवेणी संयाेग में धनतेरस पर देर रात तक करें पूजा आैर खरीदारी तो बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
मेरठ। त्योहारों और पर्व पर योग और नक्षत्रों का संयोग बनना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इन त्योहारों और पर्व पर योग और नक्षत्रों का संयोग बड़ी मुश्किल से बनता है। अगर ये योग और संयोग शुभ हैं तो पर्व को मनाने और शुभ समय पर पूजा करने से भगवान की कृपा बरसती है। ऐसे ही सोमवार को धनतेरस पर हो रहा है। इस धनतेरस पर आयुष्मान-सौभाग्य और स्वाति नक्षत्र का मंगलकारी त्रिवेणी संयोग बनने जा रहा है। इस संयोग में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना से धन वर्षा होगी। इसका सकारात्मक असर लंबी अवधि तक जीवन पर पड़ेगा। इसलिए धनतेरस पर दोपहर से लेकर देर रात तक खरीदारी आैर पूजा करेंगे तो मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी। पंडित विभोर इंदुसूत के अनुसार धनतेरस पर कई विशिष्ट संयोग भी बन रहे हैं। त्रिवेणी संयोग बनने के कारण यह धनतेरस आज बहुत खास है। यह त्रिवेणी योग इससे पहले 1965 में लगा था। यानी आज से 53 साल पहले लगा था। उस दिन भी धनतेरस को ही ये संयोग लगा था। ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाश नाथ द्विवेदी के अनुसार कार्तिक अमावस्या की शुरुआत छह नवंबर को रात 10.30 पर होगी। जो दूसरे दिन यानी बुधवार रात 9.30 तक रहेगी। इस दिन स्वाति नक्षत्र शाम 7.35 तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र लगेगा। आयुष्मान योग छह नवंबर को शाम 7.50 से अगले दिन सुबह 5.50 तक रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग लगेगा।
धनतेरस पर करें पूजा आैर खरीदारी
दोपहर 4.16 से शाम 5.39 बजे तक।
रात 8.54 से 10.31 बजे तक।
दोपहर 2.53 से 4.16 और रात 10.31 से 12.08 बजे तक।
स्थिर लग्न अनुसार
कुम्भ लग्न में दोपहर 1.29 से 3.02 बजे तक।
वृषभ लग्न में शाम 6.13 से 8.12 बजे तक।
सिंह लग्न में रात 12.41 से 2.52 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त
शुभ प्रदोष वेला के समय
शाम 5.39 से 7.49 बजे तक।
महानिशीथ काल के दौरान
रात 11.44 से 12.30 बजे तक।
इसके अलावा पूजन के बाद ही कोई शुभ चीज खरीदने को घर से बाहर निकलेंगे तो मां लक्ष्मी की कृपा पूरे साल आप पर बनी रहेगी।
Updated on:
05 Nov 2018 02:37 pm
Published on:
05 Nov 2018 02:37 pm
