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अमीनों को वसूली में इस तरह से बनाया जा रहा स्मार्ट, नर्इ व्यवस्था के बारे में जानिए

मेरठ मंडल के अमीनों के लिए कमिश्नर डा. प्रभात कुमार के निर्देश  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 23 Apr 2018, 1:52 PM IST

meerut

मेरठ। के ग्रामीण क्षेत्र में अमीनों की वसूली का मासिक लक्ष्य पांच लाख रूपये प्रति अमीन व शहरी क्षेत्र में 20 लाख रूपये प्रति अमीन निर्धारित किया गया है। यह आदेश मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने दिए। उन्होंने कहा कि अमीन स्मार्ट तरीके से कार्य करें व वसूली के लक्ष्यों को पूर्ण करें व आरसी को गम्भीरता पूर्वक लें। आयुक्त ने एंटी भूमफिया द्वारा एक हेक्टेयर से अधिक की खाली करायी गयी भूमि पर वृक्षारोपण करने व राजस्व विभाग के लापरवाह कर्मचरियाें पर कार्रवाई करने किसानाें मिट्टी खोदने व ले जाने में समस्या न हो सुनिश्चित करनें। उन्होंने एंटी भू-माफिया के अर्न्तगत 32 करोड़ के जुर्माने के सापेक्ष मात्र 32 लाख की वसूली होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

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भू-राजस्व से प्राप्त हुई सर्वाधिक राजस्व प्राप्तियां

अपर आयुक्त आरएन धामा ने बताया कि मण्डल में वित्तीय वर्ष 2017-18 की समाप्ति पर राजस्व प्राप्तियों में भूराजस्व में 169.53 प्रतिशत, स्टाम्प एवं पंजीकरण फीस में 70.22प्रतिशत, राज्य आबकारी शुल्क में 75.37 प्रतिशत, वाणिज्यकर में 29.53प्रतिशत, वाहन कर, माल तथा यात्री कर में 118.87 प्रतिशत, विद्युत कर तथा शुल्क में 92.47 प्रतिशत, वानिकी एवं वन्य जीव में 98.48 प्रतिशत, अलौह खनन तथा धातु क्रम में 122.57 प्रतिशत, मुख्य तथा मध्यम सिंचाई में 70.40 प्रतिशत है। उन्हांने बताया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर राजकीय देय की वसूली में स्टांप में 96.31 प्रतिशत, वाहन कर में 98.11, विद्युत देय में 96.40, मनोरंजन कर में 91.60, अलोह खनन में 96. 54, बैक देय मे 97.82, वाणिज्यकर में 43.10 व अन्य देय में 97.41 मुख्य देय में 119.65 प्रतिशत व विविध देय में 97.15 प्रतिशत है। उन्हाेंने बताया कि भूराजस्व अधिनियम के अन्तर्गत पांच वर्ष से पुराने 22 वाद तथा जमीदारी विनाश अधिनियम 181 वाद लम्बित है।

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आईजीआरएस पोर्टल रैंकिंग में मेरठ 51वें स्थान पर

उन्होंने बताया कि आईजीआरएस पोर्टल रैंकिंग में मार्च 2018 में मेरठ 51 व गौतमबुद्धनगर 67वें स्थान पर है तथा अवैध कब्जेदारों के विरूद्ध 464 एफआईआर मण्डल में दर्ज करायी गर्इ हैं। मण्डल में श्रावस्ती मॉडल के क्रियान्वयन में 997 ग्राम विवादरहित बनाए गए हैं।

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