
बच्ची से दुष्कर्म की कोाशिश के बाद राजपूत समाज के लोगों ने दलित बस्ती पर हमला बोला, आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल, घरों में तोड़फोड़
मेरठ। राजपूत बाहुल्य गांव कपसाढ़ में चार साल बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास की घटना के बाद दलित समाज को एक युवक की करतूत का खामियाजा पूरी दलित बिरादरी को भुगतना पड़ रहा है। घटना के बाद आक्रोशित राजपूत समाज के लोगों ने दलित बस्ती पर धावा बोल दिया पथराव करने के साथ घरों में घुसकर तोड़फोड़ के साथ दलित लोगों पर कहर बनकर टूट पड़े। उग्र भीड़ के सामने जो आया, उसी के साथ जमकर मारपीट की गई। दलित समाज के लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि हमला क्यों किया गया। दलित समाज के लोगों का कहना है की उन्होंने कई बार 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन नंबर बिजी बताता रहा। बाद में किसी तरह पुलिस तक अपनी पीड़ा पहुंचाई। जिसके घटना के एक घंटा बाद गांव में पुलिस पहुंची।
दलित समाज के युवक ने दुष्कर्म का प्रयास किया
मामला सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाढ़ का है। बताया जाता है कि गांव में दलित समाज के एक युवक ने राजपूत समाज की चार साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने का प्रयास किया। जिससे आक्रोशित राजपूत समाज के लोगों ने दलित बस्ती पर ही धावा बोल दिया। घटना बुधवार रात आठ बजे की बताई गर्इ है। दलित समाज के लोगों ने बताया की वे बुद्धवार की रात लगभग आठ बजे अपने मोहल्ले व घरों बैठे हुए थे। उसी समय 100 से अधिक लोग हाथों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर उनके ऊपर टूट पड़े। घरों के दरवाजे तोड़कर महिलाओं व बच्चों को भी नहीं बक्शा गया। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में कोहराम मचा रहा। चारों ओर चीख पुकार मची रही। दलितों ने भागकर अपनी जान बचाई। दलित समाज के लोगों ने बताया की उनके घरों में लूटपाट भी की गर्इ। इस हमले में मनीष पुत्र भानु, अंकित पुत्र सुरेशपाल, शिवानंद पुत्र ओमवीर, वेदु पुत्र प्रसादी, अनीता पत्नी धर्मवीर, रविन्द्र पुत्र किशनपाल घायल हुए। सूचना पर पहुंची पुलिस सभी घायलों को ट्रैक्टर-ट्राली से सरधना लेकर आई और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया। घायलों ने हमलावरों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में एसएसपी राजेश कुमार पांडे ने कहा कि हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरधना पुलिस का आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
मौके पर भारी फोर्स तैनात
गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। थाने की पुलिस के अलावा आरएएफ और पीएसी को भी तैनात किया गया है। वहीं दलित बस्ती में हमले से लोगों में रोष हैं। दलितों के घर में या तो ताले लटके हुए हैं। या फिर वे अपने-अपने घरों में कैद हैं। जिले का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। इससे भी दलितों में काफी रोष है।
Published on:
09 Aug 2018 12:42 pm
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