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शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा खुलासा, 25-25 लाख रुपये लेकर भर्ती किए गए शिक्षक, अब नियुक्ति पर लटकी तलवार

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का मामला गरमाया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंची शिकायत

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मेरठ

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lokesh verma

Aug 15, 2018

baghpat

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा खुलासा, 25-25 लाख रुपये लेकर भर्ती किए गए शिक्षक, अब नियुक्ति पर लटकी तलवार

बागपत. बड़ौत के दिगम्बर जैन इंटर कॉलेज में हुई शिक्षक भर्ती को लेकर मामला गरमा गया है। चार शिक्षकों की नियुक्तियों पर एक बार फिर से तलवार लटकती हुई नजर आ रही है। इंटर कॉलेज प्रबंधन के कोषाध्यक्ष राकेश जैन ने भर्ती प्रक्रिया की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा उच्चाधिकारियों से की है। आरोप है की इंटर कॉलेज में हुई शिक्षक भर्ती में 25-25 लाख रुपये वसूले गए हैं और जिन अध्यापको की भर्ती की गई है उनके नाम साक्षात्कार होने से भी पहले ही सामने आ गए थे। हालांकि इस शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट द्वारा रोक के भी आदेश है, लेकिन प्रबंधन की मनमानी और दबंगई के चलते हाईकोर्ट के आदेशों को भी दरकिनार किया गया। अब इस मामले को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक बागपत द्वारा जांच की जा रही है।

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दरअसल मामला बागपत जिले के बड़ौत का है। जहां अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान दिगम्बर जैन इंटर कॉलेज में 5 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गई है। इसके तहत एक प्रवक्ता और तीन सहायक अध्यापक के पद पर विपुल जैन, निशांत जैन, अभिषेक जैन और विनीत जैन को नियुक्त किया गया है। इंटर कॉलेज कमेटी के कोषाध्यक्ष राकेश जैन का आरोप है की भर्ती प्रक्रिया को नियमानुसार नहीं किया गया है। 25-25 लाख रुपये लेकर भर्ती प्रकिया की गई है, जोकि अवैध और अमान्य है। आरोप है की गत वर्ष 4 सितम्बर को हाईकोर्ट का आदेश था कि ये नियुक्तियां नहीं करायी जाएं, लेकिन प्रबंध समिति के कुछ लोगों और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते आनन-फानन में भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण किया गया है। राकेश जैन का ये भी कहना है की जिस वक्त ये भर्ती प्रक्रिया की जा रही थी उस समय वह प्रबंध समिति के सदस्य थे, लेकिन गलत नीतियों को देखते हुए उन्होंने अपने पद से भी इस्तीफा दे दिया था। भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने में भी 5 लोगों की कमेटी का गठन किया जाना था, लेकिन चार लोगों ने मिलकर ही प्रक्रिया को पूर्ण कर दिया।

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शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर उच्चाधिकारियों, पीएम और सीएम को भी शिकायत की जा चुकी है, जिसकी जांच चल रही थी, लेकिन अब दोबारा नए सिरे से इस प्रक्रिया की जांच की जाएगी। यानी चार शिक्षकों की नियुक्तियों पर एक बार फिर से तलवार लटकती हुई नजर आ रही है। वहीं इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर पूर्व डीआईओएस बागपत भी घिरते हुए नज़र आ रहे हैं। क्योंकि आरोप है कि डीआईओएस बागपत ने इस भर्ती प्रक्रिया को सही और माननीय करने के लिए 20 लाख रुपये लिए हैं। फिलहाल डीआईओएस बागपत ने मंगलवार को कॉलेज पहुंचकर अभिलेखों की जांच करते हुए इन चारों शिक्षकों से जवाब मांगा है। वहीं मंगलवार को पहुंचे अधिकारियो को लेकर शिक्षकों में अफरा-तफरी का माहौल नजर आया। इस मामले पर डीआईओएस बागपत ब्रजेन्द्र कुमार ने बताया की शिक्षक नियुक्ति में संपूर्ण नियमों, प्रक्रियाओं को अपनाया गया है या नहीं, प्रबंध समिति कालातीत तो नहीं थी। शिक्षकों की योग्यता एवं अपनाए गए सभी प्रावधानों की गहराई से जांच की जाएगी। उन्होंने प्रधानाचार्य वकीलचंद जैन से सभी अभिलेख भी तलब किए। डीआईओएस बागपत बृजेंद्र कुमार से जब पूछा गया कि जब हाईकोर्ट ने इन चारों शिक्षकों के वेतन और भर्ती पर रोक लगा दी थी तो जिला विद्यालय निरिक्षक कार्यालय से किन तथ्यों के आधार पर इन्हें सेलेरी जारी की गई। तो उनका कहना था कि वे कार्यालय में अपनाई गई प्रक्रिया की भी जांच कर कार्रवाई करेंगे। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भी भेजे जाने की बात उन्होंने कही है। अब देखना ये है कि जांच कब तक चलेगी और जिन लोगो पर आरोप लगा है उन पर क्या करवाई की जाएगी।

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