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एक्सईएन के निलंबन और एफआईआर के खिलाफ अभियंताओं ने ऊर्जा मंत्री की बैठक का किया बहिष्कार, आश्वासन पर माने

Highlights पीवीवीएनएल की मंडलीय समीक्षा बैठक का बहिष्कार किया बैठक से पहले ऊर्जा मंत्री के सामने धरने पर बैठा अभियंता संघ अधिशासी अभियंता पर 54 लाख की अनियमितता का आरोप  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 11 Mar 2020, 6:52 PM IST

meerut

मेरठ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अरविंद मल्लप्पा बंगारी के अधिशासी अभियंता को वित्तीय अनियमितता में निलंबित करने से गुस्साए राज्य विद्युत परिषद अभियन्ता संघ ने बुधवार को जिले के प्रभारी व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की मंडलीय समीक्षा बैठक का बहिष्कार कर दिया। ऊर्जा मंत्री जैसे ही पीवीवीएनएल मुख्यालय पर पहुंचे अभियंताओं ने मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। ऊर्जा भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने अभियंताओं को बैठक में आने को कहा लेकिन, अभियन्ता मांगों पर अड़ गए।

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स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए उर्जा मंत्री धरनास्थल पर पहुंचे। राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के पदाधिकारियों और डिस्कॉम से एकत्र अभियंताओं की बात सुनी। अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नोएडा के अधिशासी अभियंता द्वितीय संजय शर्मा के खिलाफ एफआईआर के आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए। उच्च अधिकारियों से जांच कराई जाए। अधिशासी अभियंता के खिलाफ की जा रही कार्रवाई न्यायपूर्ण नही हैं। मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि किसी के भी खिलाफ अन्याय नही होने देंगे। नोएडा के अधिशासी अभियंता द्वितीय के खिलाफ दोबारा उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। एफआईआर के आदेश को स्थगित किया जाएगा। ऊर्जामंत्री के आश्वासन के बाद अभियन्ता संघ ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद दोपहर को सभी अभियंता बैठक में पहुंचे और ऊर्जा मंत्री ने मंडलीय समीक्षा बैठक शुरू की। धरने में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता से शामिल हुए।

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ये है पूरा मामला

नोएडा के अधिशासी अभियंता द्वितीय संजय शर्मा पर 54 लाख रुपये का वित्तीय अनियमितता का आरोप है। इस मामले की जांच हो चुकी है। जिसके बाद प्रबन्ध निदेशक अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद से पीवीवीएनएल के अभियंताओं में हड़कंप मच गया है।