
मोदी सरकार के बजट पर किसानों की इस मांग पर नहीं दिया ध्यान, कह द ये बड़ी बात, देखें वीडियो
मेरठ। आज 2019-20 का आंतरिम बजट पेश किया गया। ये बजट कई मायनों में चुनावी बजट कहा जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। बजट में दो हेक्टेयर की जमीन वाले किसानों काश्तकारों को मोदी सरकार ने छह हजार रूपये महीना देने का लुभावना वादा मेरठ के किसानों को रास नहीं आ रहा है। समाजसेवी और करीब 10 हेक्टेयर जमीन के काश्तकार मेहर ए आलम खान ने इसे चुनावी शगूफा करार दिया। उन्होंने कहा कि आयकर सीमा पांच लाख करना तो ठीक है, लेकिन इस बजट में किसान के लिए कोई राहत की बात नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि आज किसानों को साल का छह हजार रूपये से अधिक जरूरी बीज और खाद पर सब्सिडी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बीज और खाद पर सर्वाधिक महंगाई की मार पड़ी है। सरकार ने छह हजार रूपये साल के देकर कोई अच्छा काम नहीं किया है। इतने में तो दो हेक्टेयर जमीन के लिए खाद भी नहीं आएगी। सरकार को चाहिए था कि खाद और बीजों पर सब्सिडी और अधिक दी जाती। इससे किसान को लाभ मिलता। उन्हाेंने कहा कि यह मोदी सरकार का एक तरह से चुनावी बजट होने के बाद भी किसान राहत की कोई बात दिखाई नहीं देती।
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ये है किसानों के लिए बजट की घोषणा
वित मंत्री पीयूष गोयल ने आंतरिम बजट में घोषणा की है कि दो हेक्टेयर तक के जमीन वाले किसानों को सालाना 6 हजार रुपये देगी मोदी सरकार। यह साल में तीन किश्तों में मिलेगा। पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नाम से एक नयी योजना के तहत छोटे किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 करोड़ रुपये की नकद सहायता देने का एलान किया। इस योजना से सरकारी खजाने पर सालाना 75,000 करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ पड़ेगा। यह सहायता दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को उपलब्ध होगी। वित्तमंत्री के अनुसार इस योजना से 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। इसके अलावा सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना शुरु करने की घोषणा की है। किसान सम्मान निधि योजना के बारे में किसान मेहर ए आलम खान का कहना है कि यह घोषणा तो पिछली कांग्रेस सरकार में भी थी। इसमें नया क्या है यह देखने की बात है। हालांकि सरकार ने इस योजना के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।
Updated on:
02 Feb 2019 10:01 am
Published on:
02 Feb 2019 10:01 am
