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योगी की सड़कों के गड्ढों में इतना पानी कि किसानों ने यहां बो दिया धान

प्रदेश सरकार ने किया वादा नहीं निभाया
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 24 Aug 2018, 12:41 PM IST

meerut

योगी की सड़कों के गड्ढों में इतना पानी कि किसानों ने यहां बो दिया धान

मेरठ। मोदी सरकार बनने के बाद देश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का वादा किया गया था। इसके बाद 2017 में प्रदेश में जब भाजपा की सरकार बनी तो लोगों को लगने लगा था कि अब प्रदेश में भी भाजपा सरकार होने के बाद प्रदेश के दिन फिर जाएंगे और यहां की सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाएंगी, लेकिन हो रहा इसका उल्टा है। मेरठ जिले की ही बात करें तो अधिकांश सड़कें गड्ढायुक्त हो चुकी हैं। सड़क पर चलते समय यह नहीं पता चलता कि हम सड़क पर चल रहे हैं या गड्ढों पर। बारिश में सड़कें जलमग्न होकर खेत का रूप ले रही हैं। लोग सांसद और विधायक को कोस रहे हैं। रोहटा रोड भी बारिश में पानी से लबालब हो जाती हैं। जिसको लेकर रोहटावासियों ने आज प्रदर्शन करते हुए जलमग्न सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने स्थानीय सांसद और विधायक के पोस्टर लगाए, जिसमें स्लोगन लिखा था। फसल तुम्हारी, पानी हमारा।

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पांच किलोमीटर तक सड़क पर गड्ढे

रोहटा रोड पर पांच किमी तक गड्ढे होने पर उसमें गंदा पानी भर जाने से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। कई बार इसकी शिकायत पीडब्लूडी और जिला प्रशासन के अलावा सांसद और विधायक से की गई, लेकिन इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो किसानों ने सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। क्षेत्रवासियों ने रोहटा रोड के जलभराव में धान की बुवाई कर विरोध-प्रदर्शन किया। सूचना पर एसीएम और कंकरखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को समझाकर शांत करने का प्रयास किया। एसीएम को ज्ञापन सौंपा गया। लोगों ने दो टूक कहा कि सड़क के निर्माण कार्य शुरू होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

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कमिश्नर आैर डीएम भी देख चुके बदहाली

दरअसल, रोहटा रोड का निर्माण पीडब्लूडी को करना है। वर्ष 2015 में पीडब्लूडी ने रोहटा रोड का 22 करोड़ रुपये का स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा था। जिसे शासन ने अधिक रकम बताते हुए कम स्टीमेट बनाने को कहा। उसके बाद 19 करोड़ 96 लाख रुपये का स्टीमेट भेजा गया, जिसे शासन ने मंजूर नहीं किया। फिलहर 17 करोड़ 36 लाख रुपये का स्टीमेट भेजा गया। इसे भी सरकार ने नकार दिया। तीन महीने पहले पीडब्लूडी ने 16 करोड़ 69 लाख रुपये कस स्टीमेट शासन को भेजा है, जो अभी तक मंजूर नही हुआ। पिछले दिनों कमिश्नर और डीएम ने भी रोहटा रोड की बदहाल स्थिति को देखा था। उसके बाद भी गड्ढों की स्थिति जस की तस रही। एक हफ्ते पहले पीडब्लूडी ने गड्ढों में ईंट के टुकड़े भर दिए। जिस पर चलने से दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। वाहन चालक गिरकर घायल होते रहे। गुस्साए लोगों ने सड़क पर ही धान की बुवाई कर रोष जताया। लोगों का कहना है कि यदि सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो वे लोग भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।

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