
मेरठ। तीन तलाक बिल को लेकर घमासान अभी भी चल ही रहा है। कहीं उसके विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं तो कहीं तीन तलाक को लेकर बड़ी बहस छिड़ी हुई है। आज तीन तलाक बिल पास कराने को लेकर मुस्लिम महिलाओं ने मेरठ कमिश्नरी चौराहे से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया और तीन तलाक बिल तुरंत पास कराने की मांग की। प्रदर्शन में कुछ महिलाएं ऐसी भी थी, जो तीन तलाक का दंश झेल रही हैं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि तीन तलाक बिल पास न होने से मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न बढ़ गया है।
समाज के ठेकेदार रोड़ा
मेरठ के गांव नंगला साहू की ग्राम प्रधान परवीन चौहान के नेतृत्व में महिलाएं मेरठ कमिश्नरी चौराहे पर एकत्र हुई। राज्यपाल के नाम ज्ञापन में तीन तलाक बिल पास कराने की मांग की। परवीन चौहान का कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और उत्थान के लिए एक मुहिम चलाई जा रही है, लेकिन समाज के कुछ ठेकेदार इस मुहिम में रोड़ा बने हुए हैं। ऐसे लोग नहीं चाहते कि मुस्लिम महिलाएं भी समाज में बराबर का दर्जा हासिल कर सकें। ये तीन तलाक बिल पास होने के विरोधी हैं। पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए, तीन तलाक बिल की मांग पूरे देश में की जा रही है। रूढ़िवादी लोग मुस्लिम महिलाओं के सम्मान व अधिकारों के खिलाफ खड़े होकर धार्मिक व सामाजिक परम्पराओं का सहारा लेकर विरोध कर रहे हैं।
शामिल हुई तलाक पीड़िताएं
प्रदर्शन में तीन तलाक का दंश झेल रही पांच महिलाएं भी शामिल थी। इन महिलाओं ने कैमरे के सामने कुछ बोलने से तो मना किया लेकिन उनका कहना था कि तीन तलाक जिस महिला को दिया जाता है, इसकी पीड़ा वह ही समझ सकती है। इसलिए तीन तलाक पर बिल पास किया जाना चाहिए, इसमें अब देरी नहीं होनी चाहिए।
Updated on:
03 Feb 2018 12:38 am
Published on:
03 Feb 2018 12:33 am
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