
मेरठ. देश की रक्षा करने के लिए हमारे जवान दिन-रात सीमा डटें रहते हैं और दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो जाते हैं। देश उनके इस बलिदान को हमेशा याद रखेगा। आज भी ऐसा कुछ ऐसा ही हुआ है। जम्मू कश्मीर में मेरठ का लाल शनिवार को शहीद हो गया।
सैनिक सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में मेरठ का लाल गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसके बाद उनका उपचार उधमपुर के सैनिक अस्पताल में हो रहा था। जहां उसका दुखद निधन हो गया। जिसके चलते उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, जहां सैनिक सम्मान के साथा उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दुश्मनों से लोहा लेते हुए घायल हो गए थे मयंक
बता दें कि मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी मेजर मयंक विश्नोई घाटी में दुश्मनों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके चलते 27 अगस्त से उनका उधमपुर के सैनिक अस्पताल में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाबजूद भी जवान को नहीं बचाया जा सका। मेजर की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया है।
अस्पताल पहुंचे मेजर की पत्नी और माता-पिता
जानकारी के अनुसार कंकरखेड़ा शिवलोकपुरी निवासी रिटायर्ड सूबेदार वीरेंद्र बिश्नोई के पुत्र मेजर मयंक विश्नोई ने जम्मू कश्मीर के शोपियां में शनिवार सुबह वीरगति को प्राप्त की। मेजर की शहादत पर पूरे परिवार को गर्व है। लेकिन बेटे के चले जाने का दर्द मां-बाप के चेहरे पर साफ झलकता है। इसके साथ ही परिजनों ने बताया कि 27 अगस्त 2021 को शोपियां में दुश्मन से लोहा लेते हुए मयंक के सिर पर गोली लगी थी। जिसके चलते घटना की जानकारी परिजनों को दी गई थी। सूचना पर पिता बिरेंद्र विश्नोई, माता मधु बिश्नोई और पत्नी स्वाति विश्नोई उधमपुर पहुंच गए।
सैनिक टुकड़ियों पर शोपियां में हुआ हमला
वहीं मेजर मयंक की मामी उषा विश्नोई और चचेरे भाई अंकुर गोयल ने बताया की शोपियां में सैनिक टुकड़ियों पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था। शहीद मेजर मयंक के पार्थिव शरीर को रविवार को मेरठ लाया जाएगा। परिवार और मोहल्ले के अन्य लोग भी सूचना मिलने पर परिवार को सांत्वना देने पहुंच गए।
BY : KP Tripathi
Published on:
11 Sep 2021, 5:35 PM IST
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