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इस शहर को मिलने जा रही है फोरेंसिक मोबाइल लैब वैन, अपराधियों को जल्द पकड़ने में मिलेगी मदद

वारदात के बाद अपराधी के मौके पर सबूत छोड़ना पड़ेगा भारी, पुलिस होने जा रही हाइटेक
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 26 Apr 2018, 12:42 AM IST

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केपी त्रिपाठी, मेरठ। अपने मेरठ की पुलिस अब और हाइटेक होने जा रही है। मेरठ पुलिस को हाईटेक फोरेंसिक मोबाइल वैन मिलने जा रही है। उप्र शासन के विशेष सचिव अभिषेक प्रकाश ने अपर पुलिस महानिदेशक को भेजे अपने पत्र संख्या 42/2018/2343 दिनांक 9 मार्च 21018 में प्रथम चरण में 25 जिलों को फोरेंसिक मोबाइल लैब वैन देने की बात कही है। इसके लिए धनराशि भी स्वीकृत की गई है। एक मोबाइल फोरेंसिक लैब वैन का खर्च करीब 30 लाख रूपये स्वीकृत किया गया है। मोबाइल फोरेंसिक लैब वैन महिन्द्रा स्कार्पियो वाहनों में बनाई जाएंगी। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि ऐसी फोरेंसिक मोबाइल लैब वैन प्रत्येक मंडल मुख्यालय को दी गई है। मेरठ मंडल की वैन तैयार हो रही है जो जल्द ही मिल जाएगी।

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अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी

वर्तमान युग में अपराधियों द्वारा अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। वारदात के मौके पर अपराधी कुछ भी ऐसा सबूत नहीं छोड़ना चाहता, जिससे पुलिस को अपराधियों का पता चल सके। इसलिए पुलिस हाइटेक हो रही है। अपराधियों की धरपकड़ में सहायता के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी लैब। मेरठ में आए दिन हत्या, बलात्कार, डकैती आदि संगीन मामलों में पुलिस को सबूत एकत्र करने में काफी परेशानी उठानी होती है, लेकिन अब ऐसी घटनाओं में फोरेंसिक टीम अपनी वैन के साथ कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंचकर अपराधी के सभी सबूतों का एकत्र कर अधिकारियों को देगी।

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इन विशेषताओं से लैस होगी वैन

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर भीड़ एकत्र होने के कारण अधिकांश सबूत जो आंखों से दिखाई देते हैं कभी नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में मुजरिम तक पहुंचने के लिए फोरेसिंक टीम का सहारा लिया जाता है। अत्याधुनिक उपकरणों के आभाव में सबूत एकत्र करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। तीस लाख की लागत से तैयार एसएफएल से अब चंद मिनटों में घटनास्थल से पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर सकेगी। उन्होंने बताया कि अक्सर कुछ साक्ष्य ऐसे होते हैं जो हमें आंखों से नहीं दिखाई देते। उन्हें इस मोबाइल फोरेंसिक साइंस लैब में मौजूद अत्याधुनिक उपकरणों से देखकर सुरक्षित किया जा सकेगा।

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वैन में रहेगी फोरेंसिक टीम

उन्होंने बताया कि इस वैन के साथ चार सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम रहेगी। वैन में जीपीएस सिस्टम भी लगा हुआ और इसमें उन्नत इंटरनेट सुविधा के साथ लैपटॉप भी मौजूद रहेगा। जिससे कोई भी रिपोर्ट पलक झपकते ही भेजी जा सकेगी।

35 तरीके के मामलों की जांच करने में सक्षम

इस मोबाइल फोरेंसिक साइंस लैब द्वारा 35 तरीके के मामलों में साक्ष्य कुछ ही देर में जुटाए जा सकेंगे। जिनमें मुख्य रूप से डीएनए परीक्षण, सीरम, गनशॉट, डकैती, रेप, विस्फोटक, फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट, लाइ डिटेक्टिंग, टायर मार्क्स, बम विस्फोट आदि जांच शामिल हैं।

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अपराधियों की कोर्ट में होगी पुख्ता घेराबंदी

फोरेंसिंक मोबाइल लैब वैन के जरिए एकत्र सबूत से अपराधियों की कोर्ट में पुख्ता घेराबंदी की जा सकेगी। उसको पर्याप्त सबूतों के अभाव में अब छूटने का मौका नहीं मिलेगा।

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