
Police Sub Inspector Exam: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के जानी थाना इलाके के जानीखुर्द में सॉल्वर गैंग के दो लोगों हत्थे चढ़े हैं। पकड़े गए दोनों लोगों के नाम आशुतोष मणि त्रिपाठी निवासी देवरिया और साहिर खान निवासी लालपुर खुर्जा है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने बताया कि वे लिखित परीक्षा में पास कराने के नाम पर आठ लाख रुपये लेते थे। गैंग का सरगना पटना बिहार का अमित बताया जा रहा है। जो कि पटना से बैठकर ही पूरा सॉल्वर गैंग आपरेट कर रहा था। हालांकि, पुलिस बागपत के अरविंद्र राणा के गैंग का भी पता लगाने में जुटी है। सॉल्वर गैंग के दो लोग पकड़े जाने के बाद तीन सदस्य फरार हो गए हैं।
ये है मामला
जानी थाना क्षेत्र के बागपत बाईपास स्थित आईटीएम कॉलेज पांचली में रविवार को दरोगा भर्ती परीक्षा चल रही थी। तीसरी पाली में सॉल्वर गैंग के एक सदस्य आशुतोष मणि त्रिपाठी निवासी देवरिया बिहार को चेकिंग टीम ने पकड़ लिया था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी परीक्षार्थी मानवेंद्र निवासी फिरोजाबाद की परीक्षा देने के लिये सेंटर पर आया था। आशुतोष मणि त्रिपाठी की निशानदेही पर सोमवार को जानी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बुलंदशहर में दबिश दी। जहां से साहिर खान निवासी लालपुर खुर्जा बुलंदशहर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि यूपी में इनका गैंग फैला हुआ है। प्रति अभ्यर्थी आठ लाख रुपये लेकर दरोगा भर्ती की परीक्षा में गैंग अपना सदस्य बैठाता था।
अलीगढ़ के होटल में हुई थी डीलिंग
मेरठ में पांच सेंटर बनाए गए हैं। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के साथ उनके तीन साथी मानवेंद्र सिंह, अमित निवासी टूंडला फिरोजाबाद, अमित निवासी पटना, बिहार के खिलाफ जानी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आशुतोष मणि त्रिपाठी ने 13 नवंबर की सुबह नौ बजे की पाली में आलमपुर चौक रुस्तमपुर कॉलेज, गोरखपुर में परीक्षार्थी सोहनपाल सिंह निवासी मोहम्मदाबाद, लखनऊ की जगह परीक्षा दी थी। इसके पास से तलाशी के दौरान फर्जी प्रवेश पत्र भी बरामद हुआ। इसके अलावा कई सेंटरों पर परीक्षा देने की बात सामने आई है।
Published on:
16 Nov 2021, 10:36 AM IST
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