शाहीन परवेज ने यह भी कहा कि नए तालिबानी शासन ने दावा किया है कि उन्होंने महिला अधिकारों पर अपना रुख बदल दिया है। लेकिन किसी को भी अपने अतीत को नहीं भूलना चाहिए जिसमें भारी रक्तपात, हिंसा, मानवाधिकारों का उल्लंघन और उत्पीड़न देखा गया है। अतीत के पापों को धोने और महिलाओं को अपनी मातृभूमि में सहज महसूस कराने की जिम्मेदारी नई व्यवस्था पर है।