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कांवड़ यात्रा 2018: यूपी के इस शहर में शिवभक्त ला रहे इतनी बड़ी आैर कीमती कांवड़, हैरत में पड़ रहे सभी

इतनी बड़ी कांवड़ को लाएंगे 200 कांवड़िए, आठ अगस्त को पहुंचेंगे शिवालय
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 3 Aug 2018, 9:23 AM IST

meerut

कांवड़ यात्रा 2018: यूपी के इस शहर में शिवभक्त ला रहे इतनी बड़ी आैर कीमती कांवड़, हैरत में पड़ रहे सभी

मेरठ। ऊंची कांवड़ लाने के लिए कांवड़ियों के जत्थे हरिद्वार की ओर निकल पड़े हैं। मेरठ से एक जत्था 110 किलो की कांवड़ लेकर हरिद्वार के लिए रवाना हुआ है। 18 फीट ऊंची इस कांवड़ को बनाने में करीब एक महीना लगा है। ओम शिव महाकाल सेवा समिति के अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि उनकी समिति का जत्था करीब 13 सालों से लगातार ऊंची कांवड़ लेकर जा रहा है। इस बार जो कांवड़ तैयार की गई है उसकी ऊंचाई 18 फीट और वजन 110 किलो ग्राम है। अभिषेक ने बताया कि इस कांवड़ को बनाने में करीब एक लाख 20 हजार रुपए का खर्च आया। जो कपड़ा इसे तैयार करने में लगा है वह वृंदावन से मंगाया गया। इस कांवड़ का आकर्षण बाबा भोलेनाथ की सुंदर प्रतिमा है।

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कांवड़ लाने में खर्च होते हैं पांच लाख

अभिषेक ने बताया कि ओम शिव महाकाल सेवा समिति और ओम शिव सदर कांवड़ सेवा समिति मिलकर यह कांवड़ ला रही है। इस कांवड़ को बनाने में जहां एक लाख रुपए खर्च हो रहे हैं वहीं इसे गंगाजल भरकर लाने में करीब पांच लाख रुपए का खर्च आएगा। यह खर्च डीजे, जनेरेटर और ट्रैक्टर ट्राली का किराया आदि मिलाकर है। कांवड़ लाने के लिए जो जत्था गया है उसमें करीब 200 कांवड़िए शामिल हैं। यह जत्था 15 जुलाई को हर की पैड़ी हरिद्वार से गंगाजल भरकर चलेगा जो 8 अगस्त को मेरठ के टोल प्लाजा पर पहुंचेगा।

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दिन-रात लगकर तैयार की कांवड़

कांवड़ ला रहे आकाश, सतीश, अभिषेक, ईशांत आदि का कहना है कि कांवड़ को तैयार करने में दिन रात काम किया गया। इसको बनाने में थर्मोंकोल, बांस, कपड़ा और अन्य सजावटी सामान प्रयोग किया गया। कांवड़ का डिजाइन ऐसा बनाया गया है जो आकर्षण का केंद्र बने। विशाल कांवड़ और झांकियों वाली कांवड़ के बीच प्रतियोगिता होता है।

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