
53 गांवों के लोगों के लिए काल बनता जा रहा दूषित पानी, 200 लोगों की हो चुकी मौत
बागपत। बागपत जिले के 53 से अधिक गांवों पर मौत के बादल मंडरा रहे हैं। बावजूद इसके यहां के निजाम आखें मुदें बैठे हैं। यही कारण है कि बीमारी से लोग बेहाल हैं और अभी तक 200 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं एनजीटी ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कई बार आदेश जारी किए हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि यहां का प्रशासन आदेशों की अवहेलना कर रहा है। जिसके चलते बागपत जनपद के 53 गांवों के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न हो गया है। एनजीटी ने एक बार फिर पानी को दूषित करने वाली फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
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गौरतलब है कि बागपत में जल प्रदूषण ने यहां के लोगों के लिए मौत का रास्ता खोल दिया है। टीबी, पथरी, तव्चा रोग समेत कई बीमारी लोगों के शरीर में प्रवेश कर चुकी है। लोगों की मानें तो पिछले दस साल में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत जहरीले पानी के कारण हो चुकी हैं। इसके बाद भी यहां का प्रशासन गंभीर नहीं है।
बागपत में फैक्ट्रीयों से निकलने वाला दूषित पानी लोगों के लिए जहर बना हुआ है। प्रशासन की लापरवाही से परेशान दोआब पर्यावरण समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व वैज्ञानिक डॉ. चंद्रवीर सिंह ने इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए 2015 में एनजीटी में एक रिट भी दायर की थी। जिसमें एनजीटी ने मामले को गंभीरता से लिया।
डॉ. चंद्रवीर सिंह का कहना है कि हिंडन, कृष्णा व काली नदी के प्रदूषित पानी से बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर, शामली तथा सहारनपुर जिलों के लोग कैंसर, हेपेटाइटिस आदि बीमारियों की चपेट में हैं। जिसको देखते हुए एनजीटी ने गत दिनों उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 53 टीमों से छह जिलों में सर्वे व पानी की जांच कराई और पानी में मरकरी (पारा) मिलने को गंभीरता से लिया।
उन्होंने बताया कि एनजीटी के अध्यक्ष ए.के गोयल ने नदियों को प्रदूषित करने वाली 124 फैक्ट्रियों के खिलाफ बुधवार को वॉटर एक्ट-1974 के तहत कानूनी कार्रवाई करने और इन्हें तत्काल बंद कराने का आदेश दिया है। डॉ चंद्रवीर सिंह का कहना है कि बागपत जनपद के अंदर लोग मीठा जहर पी रहे हैं। जब तक जिला प्रशासन इस पर कठोर कारवाई नहीं करेगा, तब तक यहां के लोगों की मौत होती रहेगी। वहीं इस मामले को लेकर जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र का कहना है कि एनजीटी के आदेश उनके पास नहीं पहुंचे हैं। अगर ऐसे आदेश जारी हुए हैं तो इन फैक्ट्रियों के खिलाफ कारवाई की जाएगी।
Published on:
10 Aug 2018 02:41 pm
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