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हिन्दू न्यायालय की स्थापना के खिलाफ पुलिस ने उठाया यह कड़ा कदम, मच गया हड़कंप

शरीयत कोर्ट की तर्ज पर अखिल भारत हिन्दू महासभा ने 15 अगस्त को हिन्दू न्यायालय के गठन की घोषणा की थी
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 12 Sep 2018, 9:20 AM IST

meerut

हिन्दू न्यायालय की स्थापना के बाद पुलिस ने उठाया यह कड़ा कदम, मच गया हड़कंप

मेरठ। शरीयत कोर्ट की तर्ज पर हिन्दू न्यायालय की स्थापना की घोषणा के बाद अखिल भारत हिन्दू महासभा पर पुलिस की नजर टेढ़ी हो गर्इ थी। तभी से पुलिस इस संगठन पर खुफिया नजर रखे हुए थी, जब इस बात की पुष्टि हो गर्इ कि वास्तव में इस संगठन ने शरीयत कोर्ट की तरह हिन्दू न्यायालय की स्थापना की है। पुलिस ने इस संगठन के खिलाफ कड़ी कार्रवार्इ की है। हिन्दू न्यायालय की स्थापना करने के बाद इससे जुड़े लोगों ने दावा किया था कि न्यायालय में लव जिहाद, धर्मांतरण, हिन्दू उत्पीड़न के मामलों की सुनवार्इ होगी।

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पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया

हिन्दू न्यायालय की स्थापना की सुगबुगाहट तो 15 अगस्त के बाद से ही शुरू हो गर्इ थी, लेकिन इसके विरोध में कोर्इ सामने नहीं आ रहा था। सारी जानकारी पुष्टि कर लेने के बाद पुलिस की आेर से शारदा रोड चौकी इंचार्ज श्रीपाल ने अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित अशोक शर्मा आैर जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों ही ब्रह्मपुरी क्षेत्र के निवासी हैं। इस संबंध में एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि 15 अगस्त को शारदा रोड स्थित राधा कृष्ण मंदिर में धार्मिक आयोजन करके हिन्दू न्यायालय का गठन किया था आैर मुस्लिमों की तरह हिन्दुआें में धार्मिक कानून का दावा किया गया था। एसपी सिटी ने कहा कि इस तरह का हिन्दू न्यायालय पूरी तरह से असंवैधानिक है। इसलिए अशोक शर्मा आैर अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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इन धाराआें को शामिल किया गया

एसपी सिटी के अनुसार इन दो लोगों के खिलाफ दो वर्गों के बीच आपसी वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था खराब करने, धारा 144 के उल्लंघन, धारा 153 ए, 505-1 सी व 505-2 आैर धारा 188 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा दर्ज कराए मुकदमे में कहा गया कि गश्त के समय दोनों आरोपियों को हिन्दू न्यायालय के गठन की चर्चा करते सुना था। इसके बाद थाने में उन्होंने मौखिक जानकारी दी थी। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।

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